वह दिल्ली एनसीआर में आने पर स्वयं को भी इससे पीड़ित होने की संभावना जता रहा है। जितेंद्र ने बताया कि जयपुर में उनकी रिश्तेदार रहती हैं। बच्चों की वार्षिक परीक्षा समाप्त होने के बाद हर साल वह उनके घर एक सप्ताह के लिए रहने आती हैं।
एनसीआर में कोरोना के संदिग्ध मामले सामने आने की जानकारी मिली तो उसने गुरुग्राम आने से इंकार कर दिया। वहीं भिवानी निवासी ओम प्रकाश दहिया ने बताया कि वह गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
कोरोना वायरस के संदिग्ध मामले सामने आने के बाद उनका परिवार घबराया हुआ है। ऑफिस से छुट्टी ले ली हैं और अब कुछ दिनों के लिए परिवार को लेकर गांव भिवानी जा रहा हूं। गांव के साफ वातावरण में परिवार को सुरक्षित रहेगा।