दिल्ली में दोबारा कोरोना के बढ़ते मामलों पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वह हमें केंद्र सरकार के किसी खास सपोर्ट की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि केंद्र हमें बस ज्यादा टेस्ट करने से न रोके, बस यही काफी है।
सत्येंद्र जैन ने सोमवार को यह बातें उस वक्त कहीं जब पत्रकारों ने उनसे दिल्ली में दोबारा संक्रमण बढ़ने के बारे में सवाल किया। सत्येंद्र जैन ने आगे कहा कि हम केंद्र से टेस्टिंग किट लेने के बजाय बाजार से खरीद रहे हैं। वह बोले कि जैसा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा हम भी आशा करते हैं कि कोरोना वायरस का खात्मा दीपावली तक हो जाए।
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि सरकार के पास 10-15 दिनों के लिए जांच किट का पर्याप्त स्टॉक है। मगर रोजाना 40 हजार जांच के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ज्यादा किटों की खरीदारी की जा रही है।
जैन के बताया कि दिल्ली में अब 85 दिनों में मामले दोगुने हो रहे हैं। जो कि पहले काफी कम समय में दोगुने हो रहे थे। इस वजह से स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ज्यादा से ज्यादा जांच कर रही है ताकि कोई भी कोरोना संक्रमण का मामला ना छूटे।
जैन ने बताया कि केजरीवाल द्वारा 40 हजार जांच रोजाना कराने के लक्ष्य तक पहुंचने लिए हमारी टीम पूरी तरह तैयार है। हम इसके लिए सभी प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही परिणाम दिखने लगेंगे।
कल एक दिन में 2024 नए केस आए, 22 की मौत
राजधानी में रोजाना कोरोना के दैनिक मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। रविवार को 51 दिन बाद संक्रमण के मामले दो हजार से ज्यादा आए है। अब कुल मरीजों की संख्या 1,73,390 हो गई है और 4426 की मौत हो चुकी है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, रविवार को संक्रमण के 2024 मामले आए और 1249 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं,22 की मौत हो गई। अब तक कुल 1,54,171 मरीज ठीक हो चुके है। रिकवरी दर कम होकर 89 फीसदी हो गया है। हालांकि, अभी भी दिल्ली का स्थान सर्वाधिक रिकवरी दर वाले राज्यों में है, इस समय विभिन्न अस्पतालों में 4030 मरीज भर्ती है। इनकी संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है।
सक्रिय मामलों की संख्या भी 503 बढ़कर 7527 हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना जांच संख्या 20,437 रही। लिहाजा,संक्रमण दर बढ़कर 10 फीसदी के करीब पहुंच गई। राजधानी में प्रति दस लाख की आबादी पर 81 हजार से अधिक जांच हो रही हैं। अब तक करीब 16 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है।