इसके बाद इलाके के मकान संख्या 130 से 340 तक 750 से ज्यादा लोगों को सेल्फ क्वारंटीन में रहने को कहा गया है। यह इलाका जहां कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, वहीं पूरे पीतमपुरा को बफर जोन घोषित किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस इलाके में जो संक्रमण फैला है वह एक घरेलू सहायिका से फैला है। वह लॉकडाउन के दौरान भी घरों में काम करने के लिए आती रही, जिससे उस घर के बच्चों में संक्रमण फैल गया। इसके बाद यह संक्रमण बच्चों से घर के बाकी सदस्यों में फैल गया।
वहीं इस घर के बच्चे जो दूसरे घरों के बच्चों के साथ खेलने के लिए बाहर जाते थे, उससे उनको भी ये संक्रमण हो गया और फिर उससे बड़ों को हो गया।
कोरोना वायरस को लेकर आरक्षित किए गए बिस्तरों पर संदिग्ध मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता है। कुछ अस्पतालों से जानकारी मिल रही है कि बिना लक्षण या वायरस का हल्का असर वाले मरीजों को भर्ती कर रखा है, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नियम हैं कि गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जाए। ऐसे में संदिग्ध मरीजों को कोविड बिस्तर पर भर्ती नहीं किए जाने के आदेश दिल्ली सरकार ने दिए हैं।
अस्पतालों को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश देते हुए दिल्ली स्वास्थ्य सचिव ने लिखा है कि हल्का असर या बिना लक्षण वाले मरीज को होम आइसोलेशन में रखा जाए। अगर उनके घर में जगह नहीं है तो संबंधित मरीज को सरकार के कोविड निगरानी केंद्र में भेजा जा सकता है।
इसके अलावा मरीज के भर्ती करने, जांच आदि की जानकारी समय पर देने के लिए भी कहा है। अस्पतालों की जिम्मेदारी है कि रोजाना संबंधित नोडल केंद्र में कोविड उपचार से जुड़ी सभी जानकारियां तय फॉर्मेट में जमा कराएं, ताकि सरकार को समय रहते जानकारी उपलब्ध हो सके।