फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनता कर्फ्यूः दिल्ली-एनसीआर ने लंबे समय बाद ली सबसे साफ हवा में सांस, सुनसान रहीं सड़कें

Mon, 23 Mar 2020 09:41 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
जनता कर्फ्यू में सड़कों पर पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे भारत ने रविवार को 14 घंटे के जनता कर्फ्यू को पूरा समर्थन दिया। यह न सिर्फ कोरोना से लड़ाई में सहायक है, बल्कि यह कर्फ्यू राजधानी की एक और बड़ी समस्या का समाधाना लेकर आया। सुबह सात बजे से ही लोगों के घरों से निकलने के कारण और गिनी गाड़ियां की चलने की वजह से दिल्ली-एनसीआर की वायुगुणवत्ता बेहद साफ रही। 

विज्ञापन


लोगों ने लंबे समय बाद इतनी साफ हवा में सांस ली। जनता कर्फ्यू तो पहले भी लगता था, लेकिन इस तरह का कर्फ्यू सिर्फ विरोध के लिए होता था। देश में पहली बार इसका प्रयोग सकारात्मक किया गया। सेवा करने वालों के सम्मान में किया गया और देशवासियों ने इसका समर्थन किया। आपातकाल में आह्वान जरूर किया गया, लेकिन इसका असर नहीं हुआ था। 



दिल्ली में 31 मार्च तक धारा 144 लागू
कोरोना वायरस से संक्रमण के मद्देनजर दिल्ली में रविवार रात नौ बजे से 31 मार्च की रात 12 बजे तक धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके तहत अब एक स्थान पर चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस ने किसी भी प्रकार की बैठक के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाया है। 
विज्ञापन


पुलिस आयुक्त ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद जनता कर्फ्यू को पूरा समर्थन मिला है। रात 12 बजे के बाद पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई। सभी जिलों की पुलिस को इसकी पालना करवाने का निर्देश दे दिया गया है। प्रदर्शन से लेकर किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम पर भी पूरी तरह पाबंदी है। उन्होंने कहा कि यह सख्ती जनता को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए लागू की गई है।
 
क्यों पड़ती है धारा 144 लागू करने की जरूरत
सीआरपीसी की धारा 144 शांति कायम करने या किसी आपात स्थिति से बचने के लिए लागू की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो तब इसे पुलिस लागू करती है। धारा-144 जहां लगती है, उस इलाके में चार या उससे ज्यादा लोग एक साथ जमा नहीं हो सकते हैं। धारा 144 लागू होने के बाद गैर-कानूनी तरीके से जमा होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम तीन साल कैद की सजा हो सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें