राजधानी दिल्ली में बीते दो हफ्तों से संक्रमण दर में गिरावट आई है, लेकिन मृत्युदर में कोई कमी नहीं आ रही है। 15 दिनों से रोज औसतन 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। इससे दिल्ली में कोरोना की मृत्युदर बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि देश के अन्य राज्यों के मुकाबले दिल्ली में मृत्युदर सबसे कम है। मौत के आंकड़ों को कम करने के लिए सभी अस्पतालों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को संक्रमण के 5482 मामले आए थे। 11 नवंबर को 8593 केस आने के बाद प्रभावितों की संख्या लगातार कम हो रही है। अब रोजाना औसतन 5600 संक्रमित मिल रहे हैं। संक्रमण दर भी कम हो रही है।
दो सप्ताह पहले यह दर 15 फीसदी से अधिक हो गई थी, जो अब 8.37 फीसदी रह गई है। रिकवरी दर में भी इजाफा हो रहा है। अब रोजाना औसतन 5500 मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन मौत के मामलों में कमी नहीं आ रही। इस माह अब तक 2385 लोग संक्रमण से जान गंवा चुके हैं, जो अब तक सबसे अधिक है।
विशेषज्ञों का कहना है मौसम में बदलाव, बढ़ता प्रदूषण और होम आइसोलेशन में बरती जा रही लापरवाही मौत के मामलों के बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। आरएमएल अस्पताल के डॉ. अनुराग बताते हैं कि इस समय प्रदूषण के कारण कई लोगों के फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं।
ऐसे में संक्रमित होना काफी घातक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मौत के मामलों को कम करने के लिए होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
इसके अलावा पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों की समय-समय पर आरटी- पीसीआर जांच की जा रही है। सरकार ने गंभीर मरीजों के लिए दो हफ्ते में 1400 आईसीयू बेड बढ़ाए हैं।