डॉ. भीम राव अंबेडकर अस्पताल (बीएसए) में जूनियर रेजिडंट डॉक्टर जोगिंदर चौधरी पिछले छह महीने से फ्लू क्लिनिक और कैजुअल्टी वार्ड में काम कर रहे थे। 23 जून को जोगिंदर की तबियत बिगड़ी, जिसके बाद 27 जून को उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
पहले जोगिंदर को बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया गया हालत गंभीर होने के बाद उन्हें एलएनजेपी अस्पलात में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद उन्हें 8 जुलाई को सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। 14 जुलाई को अस्पताल में जोगिंदर के पिता को 3, 44,317 रुपये का बिल थमा दिया।
अब जोगिंदर के पिता राजिंदर चौधरी को पैसों की चिंता हुई तो कई डॉक्टरों ने उनसे मैसेज किया की ' आप पैसे का मत सोचिए, हम सब हैं आपके साथ'। राजिंदर चौधरी का कहना है कि कभी उम्मीद नहीं थी की सब लोग हमारी इतनी मदद करेंगे।
जोगिंदर की बीमारी के बारे में जानकारी मिलने के बाद 29 जून को उनके पिता मध्यप्रदेश से दिल्ली आए थे। बीएसए अस्पताल की आरडीए ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मामले में मदद की गुहार लगाई है। गुरुवार को जोगंदर ने सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सा निदेशक को पत्र लिखकर प्रशासन से चिकित्सा व्यय को माफ करने की मांग की है।