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Coronavirus: लॉकडाउन से बाजार में टमाटर हुआ 'लाल', मंडी में आलू के भी नहीं मिल रहे खरीदार

Tue, 24 Mar 2020 06:43 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कोरोना संक्रमण के डर से सब्जी मंडी से लोगों ने बनाई दूरी   
  • आवक और बिक्री दोनों में भारी कमी
  • लेकिन खुदरा कीमतें आसमान पर
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Reliance Fresh delhi - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोरोना के खौफ से बाजार में सन्नाटा है। गाजीपुर सब्जी मंडी में न तो किसान अपना सामान लेकर बेचने आ पहुंच पा रहे हैं, और न ही खुदरा बाजार में सब्जी बेचने वाले छोटे दुकानदार या रेहड़ी वाले ही पहुंच रहे हैं। लिहाजा बाजार में सन्नाटा पसरा है। इससे एक तरफ तो रोज का करोड़ों का व्यापार प्रभावित हो रहा है, वहीं बाजार में काम करने वाले हजारों दिहाड़ी श्रमिकों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई है।

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स्थानीय बाजारों से हरी सब्जियां मंडी में आ रही हैं, लेकिन ग्राहक न होने के कारण उनके खराब होने का खतरा बना हुआ है। बाजार के सेक्रेटरी श्याम लाल शर्मा ने बताया कि जरूरी सेवा होने के कारण मंडी को बंद करने जैसा कोई फैसला अभी नहीं लिया गया है।

आवक में भारी कमी

गाजीपुर सब्जी मंडी के एक कर्मचारी राज बहादुर के मुताबिक यहां औसतन रोज 1700 से 1800 टन माल की आवक होती है। नवरात्र जैसे त्यौहार में खपत बढ़ने से यह और भी अधिक हो जाती है। लेकिन कोरोना के खतरे के कारण महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और बंगाल जैसे राज्यों से सामान की आवक नहीं हो पा रही है। सोमवार को यहां लगभग 1100 टन माल ही आ सका। स्थानीय बाजारों से किसान भी अपना माल लेकर मंडी नहीं पहुंच रहे हैं।

पालक के दो रुपये किलो में भी खरीदार नहीं

मंडी में मुख्य रूप से आलू और प्याज की ही सबसे ज्यादा खपत हो रही है। हरी सब्जियों की बिक्री में भारी गिरावट है। आलू के थोक व्यापारी अरुण चौधरी (मामू) ने बताया कि आलू की खपत नवरात्र के सीजन में बढ़ जाती थी, लेकिन इस बार खपत सामान्य दिनों से भी आधी रह गई है।

पालक जैसी सब्जी दो दिन से ज्यादा नहीं टिकती है। सोमवार और मंगलवार को बाजार में खरीदार नहीं थे। हालात इस हद तक खराब हो गए थे कि कोई दो रुपये किलो की कीमत में भी पालक खरीदने को तैयार नहीं था।

लेकिन खुदरा में कीमत ज्यादा

सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से बाहर रखा है। लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस उनके स्थानीय वाहनों को बाजार तक नहीं आने दे रही है। रेहड़ी-पटरी पर सब्जी बेचने वालों से भी बहुत पूछताछ हो रही है, जिसकी वजह से वे भी बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। इससे बहुत कम छोटे दुकानदार मंडी तक पहुंच रहे हैं।

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यही कारण है कि कुछ दुकानदार जो बाजार से सब्जियां ले जा रहे हैं, वे ऊंची कीमत वसूल रहे हैं। गाजीपुर सब्जी मंडी में आलू का भाव 12 रुपये प्रति किलो से लेकर 18-20 रुपये प्रति किलो तक हैं, लेकिन स्थानीय बाजार में इसकी कीमत 30 रुपये के लगभग बनी हुई है। इसी प्रकार टमाटर की कीमत भी बाजार में 30 से 40 रुपये प्रति किलो है, जबकि मंडी में इसकी कीमत पांच से सात रुपये किलो के बीच है।

डिपार्टमेंटल स्टोर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

रिलायंस फ्रेश, इजी डे और बिग बाज़ार जैसे डिपार्टमेंटल स्टोर में कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है। सभी जगह कीमतें अपने सामान्य स्तर पर ही बनी हुई हैं। लक्ष्मी नगर में इजी स्टोर के मैनेजर गगन कुमार ने बताया कि उनके यहां जरुरी सामान की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है और ऊपर से पर्याप्त समान की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि किसी भी सामान की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, अन्य दिनों में समय-समय पर मिलने वाले ऑफर इस समय मौजूद नहीं हैं और सामान्य दरों पर ही लोग सामान खरीद रहे हैं
 
स्टोर में खरीदारी कर रही एक महिला रेनू (60 वर्ष) ने बताया कि कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वे उतना ही सामान खरीद रही हैं जितना सामान्य दिनों में खरीदती रही हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि उनके कुछ करीबी लोगों ने पैनिक बाइंग करते हुए ज्यादा सामान खरीदा था, लेकिन स्थिति को देखते हुए लोगों ने अब सामान की होर्डिंग करने से दूरी बरती है।

भीड़ ज्यादा, सोशल डिस्टेंसिंग नहीं

डिपार्टमेंटल स्टोर में सामान्य दिनों से लोगों की भीड़ कुछ ज्यादा देखी जा रही है. लोगों की भीड़ के कारण इन स्टोर पर  सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना बड़ी चुनौती हो गई है। ऐसे ही एक स्टोर पर लोग लाइन में भीड़ लगाये हुए खड़े दिखाई पड़े। हालांकि लोगों ने मास्क का इस्तेमाल कर खुद को संक्रमण से बचाने की कोशिश अवश्य की है। 

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