शराबी या किसी भी प्रकार के नशे के शिकार लोग इस लॉकडाउन के समय सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। लॉक डाउन के कारण वे अपने नशे की जरूरत आसानी से पूरी नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण उनके अंदर मानसिक और शारीरिक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
बीएलके अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉक्टर मनीष जैन ने अमर उजाला को बताया कि कुछ लोग अपनी किसी पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक समस्या का सही ढंग से सामना नहीं कर पाते हैं। इससे बचने के लिए वे किसी नशे की लत शुरू कर देते हैं। शुरुआती तौर पर उन्हें यह महसूस होता है कि उन्हें कुछ देर के लिए अपनी समस्या से मुक्ति मिल गई है।
लेकिन जल्दी ही यह नशा उनकी आदत में ढल जाता है और उन्हें इस नशे से भी कोई राहत नहीं मिलती। ऐसे लोगों को जब किसी भी कारण से अपने घरों में ही कैद रह जाना पड़ता है तो उन्हें बहुत अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है।
एक तरफ तो उनकी नशे की जरूरत पूरी नहीं होती, वहीं दूसरी तरफ जिस समस्या से बचने के लिए उन्होंने नशा शुरू किया था, वही उनके आसपास ज्यादा गंभीर स्थिति में उन्हें दिखाई पड़ता है। पारिवारिक या आर्थिक मामलों में यह कष्ट और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में उनकी मानसिक समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में इस तरह के लोगों को ज्यादा सावधानी से व्यवहार किया जाना चाहिए।
सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉक्टर राजीव मेहता कहते हैं कि लॉकडाउन जैसी स्थिति किसी भी नशे के शिकार आदमी को सबसे ज्यादा परेशान करती है। इस समय कोई नकारात्मक टिप्पणी उन्हें ज्यादा परेशान करती है, इसलिए किसी भी हालत में उन पर कोई नकारात्मक कमेंट करने से बचना चाहिए।
यही ऐसा समय होता है जब वे नशे की समस्या से छुटकारा भी पा सकते हैं। इसलिए कोशिश की जानी चाहिए कि इस समय का सदुपयोग लोग अपना नशा छोड़ने के लिए करें।
दरअसल, शराब या ऐसा कोई भी नशा छोड़ने के लिए आने वाली दवाएं शेड्यूल एच कैटेगरी में आती हैं और बिना किसी प्रशिक्षित डॉक्टर की लिखित अनुमति के इन्हें प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे शराब छुड़ाने के लिए किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श करें और अपनी समस्या पर खुलकर चर्चा करें।
अगर लॉकडाउन के समय किसी डॉक्टर के पास जाने में समस्या है, तो टेलिफोन से या टेलीमेडिसिन का भी सहारा ले सकते हैं। डॉक्टर की सही सलाह, दवाओं की सही खुराक और परिवार के लोगों के प्यार भरे सहयोग से नशे की समस्या को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।