केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परीक्षा नियंत्रक संयम की मेहनत रंग लाई है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में संयम ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव से छात्रों को बचाने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों के सहयोग से युद्ध स्तर पर तैयारी की है।
परीक्षा नियंत्रक बताते हैं कि इसके लिए लगातार एजवाइजरी जारी की जा रही है और स्कूलों को निर्देश भेजे जा रहे हैं। सीबीएसई के 31 लाख विद्यार्थी साढ़े पांच हजार सेंटरों पर पूरी सतर्कता और सावधानी में परीक्षा दे रहे हैं। इसके लिए क्षेत्रीय अफसरों को लगातार सतर्क रहने को कहा गया है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज का कहना है कि कोरोना को लेकर छात्रों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। छात्र और अभिभावकों को लगातार सहयोग करने को कहा जा रहा है और पूरे देश से अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई शिकायत नहीं मिली है।
दिए गए हैं निर्देश
संयम भारद्वाज के अनुसार कोरोना के संक्रमण से विद्यार्थियों, शिक्षकों को बचाने के लिए लगातार निर्देश, सलाह जारी किए जा रहे हैं। शिक्षकों से कहा जा रहा है कि जिसे भी सर्दी, जुकाम या खांसी है, वह मास्क पहनकर परीक्षा रूम में आएं।
मास्क न सही मुंह पर कोई कपड़ा या रुमाल बांधकर रहें। किसी भी छात्र या शिक्षक, विद्यालय कर्मी से आमने-सामने खड़े होकर बात करने से बचें। किसी से बातचीत करते समय कम से कम एक मीटर या इससे अधिक की दूरी बनाएं।
स्कूलों से अपेक्षा
परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों से अपेक्षा की गई हैं कि वह अपने टॉयलेट, स्कूल परिसर को साफ सुथरा रखें। परीक्षा केन्द्र पर और परीक्षा कक्ष के आस-पास साबुन, हाथ धोने के लिए पानी रखें। परीक्षा के बाद प्रतिदिन स्कूल की अच्छे साफ-सफाई हो। जिन छात्रों को सर्दी, जुकाम, खांसी है, उन्हें अलग कमरे में बिठाकर परीक्षा ली जाए।
छात्रों, स्कूल के कर्मियों, शिक्षकों को लगातार साफ-सफाई, हाथ धोने के लिए सचेत किया जाए। परीक्षा दे रहे छात्रों का काफी दूर-दूर (कम से कम डेढ़ मीटर) बिठाया जाए। स्कूल के भीतर एक स्थान पर विद्यार्थी जमा न होने पाएं।
इतना ही नहीं परीक्षा देने के लिए छात्रों के कई प्रवेश द्वार बनाएं जाएं। उन्हें बाहर भी एक-एक के क्रम में जाने दिया जाए। विद्यार्थियों को सलाह दी जाए कि वे आमने-सामने खड़े होकर बात न करें। चर्चा करते समय आपस में दूरी बनाए रखें।
कई स्कूलों खुद की अच्छी पहल
परीक्षा नियंत्रक बताते हैं कि कुछ स्कूलों ने अपने स्तर से काफी अच्छा प्रयास किया है। उन्होंने सैनेटाइजर या मास्क तक छात्रों के लिए उपलब्ध कराएं हैं। कुल मिलाकर सीबीएसई अपने क्षेत्रीय अधिकारियों के माध्यम से देश के दूर-दराज के हिस्सों पर भी इस पर विशेष दे रहा है।
संयम भारद्वाज का कहना है कि सीबीएसई की अब करीब-करीब परीक्षा समाप्त हो रही है। एक सप्ताह के भीतर यह पूरी हो जाएगी। केवल दो खास पेपर रह गए हैं। इनमें किसी राज्य में 50 हजार तो कहीं एक लाख बच्चों को परीक्षा देनी है।