संजय सिंह ने कहा कि यह बड़ा ही निराशाजनक है कि ऐसे समय में जब भारत की 135 करोड़ जनता संकट के दौर से गुजर रही है, देश भुखमरी के कगार पर खड़ा हुआ है, लोगों की जान जा रही है, ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति भारत को धमकी देते हैं और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कड़े शब्दों में उसका जवाब देने की बजाय, भारत की सरकार अमेरिका के सामने घुटने टेकती हुई नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि जहां एक ओर देश कोरोना नामक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर केंद्र में बैठी भाजपा सरकार की सोच और नीतियां समझ से परे हैं। जहां हमारा देश खुद इस महामारी से जूझ रहा है, वहां केंद्र में बैठी भाजपा सरकार 19 मार्च तक भिन्न-भिन्न देशों को सैनिटाइजर, मास्क और वेंटिलेटर निर्यात कर रही है।
संजय सिंह ने कहा कि क्लोरोक्वीन नामक दवा, जो विश्वभर के अब तक के शोध में कोरोना बीमारी से लड़ने में सबसे सार्थक सिद्ध हुई है, ऐसी मुसीबत की घड़ी में जब देश खुद इस महामारी से जूझ रहा है, वह दवाई अमेरिका को निर्यात करने का निर्णय बेहद ही बचकाना और आधारहीन है।