इटली से पहुंचे 215 लोगों के आईटीबीपी के छावला स्थित क्वारंटाइन केंद्र में शनिवार को क्वारंटाइन के सात दिन पूरे हो गए हैं। सभी लोग स्वस्थ हैं और अभी तक इनमें कोरोना का कोई लक्षण दिखाई नहीं दिया है। खास बात है कि इन लोगों को किसी भी तरह का कोई विशेष आहर नहीं दिया जा रहा है।
ये लोग शाकाहारी भोजन लेते हैं। दूध पीकर और खेल कूद कर कोरोना वायरस को मात दे रहे हैं। इन्हें मौसमी फल दिए जाते हैं। कई युवा तो ऐसे हैं जो क्वारंटाइन के दौरान नियमित व्यायाम करते हैं और इंडोर गेम का भरपूर लुत्फ उठाते हैं। इन सभी लोगों का पहला टेस्ट हो चुका है।
उसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। दूसरा टेस्ट 14 दिन बाद होगा। अगर उसमें भी रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो इन लोगों को इनके घर भेज दिया जाएगा।
आईटीबीपी के छावला क्वारंटाइन केंद्र में जो लोग ठहरे हैं, उनमें 151 पुरुष और 64 महिलाएं शामिल हैं। इस दल में ज्यादातर छात्र हैं जो इटली में पढ़ाई कर रहे थे। इटली में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद इन्हें विशेष विमान से दिल्ली लाया गया।
एयरपोर्ट से ये सभी लोग सीधे क्वारंटाइन केंद्र लाए गए थे। इन लोगों को क्वारंटाइन केंद्र पर सभी आधारभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। आईटीबीपी के डॉक्टरों का कहना है कि ये इन्हें किसी विशेष जांच या इलाज की जरूरत नहीं है। इन्हें रोजाना भारतीय भोजन दिया जाता है। इसमें भी कोई वैरायटी नहीं होती।
सामान्य तौर पर जो भोजन हम सब अपने घर पर करते हैं, इन्हें यहां पर यही परोसा जा रहा है। दिन में ये लोग विभिन्न इंडोर गेम जैसे टेबल टेनिस, शतरंज और कैरम बोर्ड आदि पर हाथ आजमाते हैं। टीवी पर मनोरंजन करने के बाद ये सब एक तय दूरी पर बैठकर खूब हंसी मजाक भी करते हैं।
जब डॉक्टरी जांच होती है तो कोरोना जैसा डर अपने दिमाग से निकाल देते हैं। इनका चिकित्यीय प्रक्रिया के मुताबिक परीक्षण किया जा रहा है। ऐसी आशा है कि इन्हें लगभग 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा।
क्वारंटाइन के 14वें दिन इनका दूसरा और अंतिम परीक्षण होगा। आईटीबीपी के इस कैंप से 1 फरवरी से 14 मार्च तक अलग-अलग बैचों में वुहान से लाए गए 518 लोगों का सफल क्वारंटाइन किया जा चुका है। इनमें 7 देशों के 43 नागरिक भी शामिल थे।