ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने के बाद अरविंद केजरीवाल दूसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ लेने को तैयार हैं। रामलील मैदान में सुबह 11 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में करीब 70 हजार लोगों शामिल होने का इंतजाम किया जा रहा है, जिसमें 400 वीआईपी भी शामिल होंगे।
ऐतिहासिक तुर्कमान गेट के बिल्कुल सामने स्थित रामलीला मैदान आम आदमी पार्टी की दूसरी बार दिल्ली के सिंहासन तक पहुंचाने की गवाही के लिए तैयार हो रहा है। दिल्ली प्रशासन ने ग्राउंड को साफ सुथरा बनाने और रंग-रोगन करने व गड्ढे भरने का जिम्मा एमसीडी को सौंपा है।
वहीं लोगों के बैठने के इंतजाम से लेकर अन्य तैयारियां पीडब्ल्यूडी ने अपने हाथों में ले रखी हैं। इस पूरी तैयारियों के लिए पीडब्ल्यूडी के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मा सौंपा गया है। हालांकि डोकेरशन व अन्य सज्जा का काम निजी कंपनी को दिया गया है।
चल रही है भव्य तैयारियां
मंच के सामने टूटी रेलिंग संग उखड़े सीमेंट को भर दिया गया है। मंच के ठीक बगल में 600 इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के कैमरामैन और फोटोग्राफरों के खडे़ होने के लिए मंच बनाया गया है। जबकि उसके आगे वीआईपी बॉक्स के बगल में साढ़े तीन सौ से अधिक मीडिया कर्मी बैठ सकेंगे।
उसके पीछे थोड़ी दूर करीब 40 से 42 हजार कुर्सियां लगाई जाएंगी। जबकि उसके पीछे खाली मैदान में दर्शक खड़े होकर पूरा समारोह देख सकेंगे। गेट नंबर दो से मीडिया कर्मी आ सकेंगे। जबकि उसी के बगल में वीआईपी मेहमानों के आने की व्यवस्था होगी।
गुलाब व गेंदे से सजा होगा मंच
रामलीला मैदान का ऐतिहासिक मंच को गुलाब और गेंदे की लड़ियों से सजाया जाएगा। मंच पर केजरीवाल के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरे ही नजर आएंगे। वहां शपथ दिलाने के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग भी मौजूद रहेंगे।
जेड प्लस सुरक्षा के चलते है व्यवस्था चाकचौबंद
अरविंद केजरीवाल की जेड प्लस सुरक्षा के चलते दिल्ली प्रशासन ने पुलिस के निर्देश के तहत रामलीला ग्राउंड में शपथग्रहण समारोह की सुरक्षा चाक-चौबंद रखने के लिए सीटिंग अरेंजमेंट में बदलाव किया है। हालांकि उन्होंने जेड प्लस सिक्योरिटी लेने को इंकार किया है लेकिन पुलिस की तैयारी उसी तरह की है। इस बार दर्शक अन्य बाक्स में नहीं आ जा सकेंगे। क्योंकि बेरीकेट्स संग सख्त सुरक्षा होगी। वीआईपी मेहमानों समेत मीडिया कर्मियों के बाक्स तो मंच के पास होंगे। खास बात यह है कि मैदान के अंदर सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे।
इंद्रप्रस्थ से जुड़ा है रामलीला मैदान का इतिहास
यूं तो रामलीला मैदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है, लेकिन के जन लोकपाल आंदोलन के बाद पुरानी दिल्ली का यह रामलीला मैदान देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी धूम मचा चुका है। रामलीला मैदान बनने से पहले शुरुआत में इंद्रपत गांव हुआ करता था, जिसे बाद में इंद्रप्रस्थ का नाम दिया गया।
वर्ष 1850 में मैदान बना
अंतिम मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर ने रामलीला का मंचन शुरू कराया
वर्ष 1911 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने रामलीला का मंचन दोबारा शुरू कराया
वर्ष 1955 में ऐतिहासिक मंच का निर्माण किया गया
वर्ष 1975 में लोकनायक जयप्रकाश ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ललकारा
वर्ष 2011 में बाबा रामदेव के मंच पर पुलिस का लाठीचार्ज हुआ
वर्ष 2011 में अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल व किरण बेदी जन लोकपाल की मांग पर धरने पर बैठे
वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी ने इसी मंच पर पहली जीत के बाद केजरीवाल के साथ शपथ ली थी