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बदलते मौसम के साथ चिड़ियाघर में वन्यजीवों की खुराक में भी होगा बदलाव

Wed, 15 Apr 2020 04:50 PM IST
पूजा त्रिपाठी किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-मांसाहारी वन्यजीवों के खाने की मात्रा में की जाएगी कमी
-पानी में मिलाकर दिया जाएगा ग्लूकोज
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दिल्ली का चिड़ियाघर - फोटो : G. pal
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विस्तार
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बदलते मौसम के साथ चिड़ियाघर में वन्यजीवों की खुराक में भी बदलाव हो गया है। बदलाव के तहत जहां मांसाहारी वन्यजीवों को दिये जाने वाले खाने में मांस की मात्रा कम कर दी जाती है। दूसरी ओर शाकाहारी वन्यजीवों को ऋतु फल दिए जाते हैं जिससे उनके शरीर में ठंडक बनी रहने के साथ पानी की कमी न हो सके।

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चिड़ियाघर के एक अधिकारी के अनुसार, गर्मी पड़ने पर वन्यजीवों के खाने-पीने में बदलाव किया जाता है। साथ ही डॉक्टरों की टीम भी वन्यजीवों की सेहत का खासा ध्यान रखती है। अधिकारी ने बताया कि गर्मी के दौरान शाकाहारी वन्यजीवों को तरबूज, ककड़ी, खीरा व अन्य फल दिए जाते हैं।

पानी में मिलाकर दिया जाएगा ग्लूकोज का पानी
अधिकारी ने बताया कि गर्मी अधिक पड़ने पर वन्यजीवों को पानी में ग्लूकोज मिलाकर दिया जाएगा। इससे वन्यजीवों के शरीर में डिहाइड्रेशन नहीं होगा व अधिक सक्रिय रहेंगे। ग्लूकोज का पानी शाकाहारी व मांसाहारी दोनों ही वन्यजीवों को दिया जाता है।

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मांसाहारी वन्यजीवों के मांस की मात्रा की जाएगी कम

अधिकारी ने बताया  कि गर्मी को देखते हुए अब मांसाहारी वन्यजीवों को दिए जाने वाले मांस की मात्रा कम की जाएगी। क्योंकि, गर्मी में अधिक मांस खाने से वन्यजीवों के शरीर में अधिक गर्मी उत्पन्न हो जाती है। इससे वन्यजीवों को परेशानी होने लगती है।

ऐसे में जहां पहले शेर प्रतिदिन 12 किलो मांस खाता था, अब इसकी मात्रा आठ किलो तक कर दी जाएगी। हालांकि, वन्यजीवों को अन्य तरल पदार्थ भी दिए जाएंगे। गौरतलब है कि लॉकडाउन को देखते हुए अभी फिलहाल चिड़ियाघर में ही अस्थायी तौर पर स्लॉटर हाउस बनाया गया है। जिससे वन्यजीवों को ताजा मांस भी मिल रहा है।

स्प्रिंक्लर्स का लिया जाएगा सहारा
अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर में वन्यजीवों के बाड़ों को ठंडा रखने के लिए स्प्रिंक्लर्स का सहारा लिया जाएगा। इसकी मदद से बाड़ों में पानी का छिड़काव किया जाता है। वहीं, वन्यजीव भी पानी की बौछारों के साथ खेलना खूब पसंद करते हैं। इसके लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
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