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72 घंटे तक की कोरोना की जांच, नहीं मना पाए बेटी का जन्मदिन, 15 दिन से कमरे में हैं बंद

Sat, 21 Mar 2020 09:04 PM IST
प्राची प्रियम परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में दहशत का माहौल है। अफवाहों का बाजार भी गर्म है, जबकि वायरस से बचाव के लिए एक भी सुझाव ऐसा नहीं है जिसे हम प्रतिदिन न करते हों। इसके बावजूद, लोग सोशल मीडिया पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। 

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ऐसे में दिल्ली के आरएमएल अस्पताल से एक ऐसी सकारात्मक कहानी सामने आई है जिससे साबित होता है कि बुलंद हौसलों के आगे कोरोना वायरस कहीं नहीं टिकता। ये कहानी आपको भी कोरोना वायरस से लड़ने की हिम्मत देती है। 

देश में सबसे पहले कोरोना वायरस को लेकर कमान संभालने वाले आरएमएल अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने ‘अमर उजाला’ से साझा की पूरी कहानी...

अब तक नहीं मनाया बिटिया का जन्मदिन
देश में कोरोना की आहट केरल निवासी तीन संक्रमित लोगों से हुई। उस दौरान दिल्ली हवाईअड्डे पर कोरोना जांच शुरू ही हुई थी। इसकी कमान आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों ने संभाली थी। 72 घंटे तक विदेशों से आने वालों की कोरोना जांच करने वाले डॉक्टर के घर उनकी 12 साल की बेटी का जन्मदिन था। वो कई महीनों से इसकी तैयारी कर रही थी। जब पिता घर न पहुंचे तो फोन पर वह खूब रोई, लेकिन पिता ने उसको समझाया और कहा कि गुड़िया जन्मदिन हर साल आता है, लेकिन अभी देश को उनकी जरूरत है।
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कमरे में बंद, कोरोना को रख रहे दूर
लगातार तीन दिन तक कोरोना की जांच करने के बाद ये डॉक्टर अपने घर पहुंचे और तब से अब तक खुद को एक कमरे में बंद कर रखा है। उन्होंने न बेटी से मुलाकात की और न ही अपनी पत्नी व माता-पिता से। वो एक कमरे में बंद देश के करोड़ों लोगों को होम कोरेंटाइन के बारे में बता रहे हैं। 

उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन ऐहतियातन उन्होंने खुद यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि लोग होम कोरेंटाइन को पता नहीं क्या समझ रहे हैं? जबकि हकीकत यह है कि ऐसा करने से आप खुद ही नहीं, अपने परिवार और बाकी लोगों को भी बचा सकते हैं।

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इसमें कोई परेशानी नहीं है। अपने कमरे में रहिए और दिनभर मनोरंजन के लिए जो करना है वह कीजिए। कमरे में रहते हुए ही आप खाना आदि खा सकते हैं। महज 15 दिन तक अगर ऐसा करते हैं तो इस महामारी से छुटकारा पा सकते हैं।

अस्पतालों से भागने वालों को संदेश
उन्होंने हंसते हुए कहा कि कोई भी वायरस इंसानों के हौसलों के आगे नहीं टिका सकता। बशर्ते, इंसानों को उसके बारे में पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग कोरोना के डर से अस्पतालों से भाग रहे हैं वे लोग जबरन पैनिक में हैं। अस्पताल से भागते हैं तो कोरोना से ठीक नहीं हो सकते।

न राशन की चिंता करें, न नौकरी की
उन्होंने कहा कि लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। न राशन खत्म होने वाला है और न ही देश में सब कुछ बंद होने वाला है। हम आज भी बहुत बेहतर स्थिति में हैं। कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता जरूर बरतें। सैनेटाइजर की जगह अच्छे साबुन से हाथ धो सकते हैं। हर व्यक्ति रोजमर्रा के जीवन में साफ-सफाई पर ध्यान देता है।

ऐसे करें कोरोना से बचाव
  • घर में साफ-सफाई का ध्यान रखें और खुद भी रहें। अगर कोई घर आता है तो उसके साथ एक मीटर की दूरी पर रहकर बातचीत करें। वह घर में थोड़ी देर रुकता है तो सबसे पहले उसके हाथ साबुन से साफ कराएं।
  • घर से बाहर जा रहे हैं तो अपने दोनों हाथों को जेब में रखें और मुंह पर मास्क लगाकर। जहां भी हाथ को निकालें किसी भी चीज को टच न करें। किसी से हाथ न मिलाएं, न गले लगें।
  • घर आते ही सबसे पहले अपने हाथों को अच्छे साबुन से धोएं।
  • हर दिन कपड़ों को साफ करें। गरम पानी में कपड़ों को डुबोकर रखें।
  • घर में मेड आती है तो उसे भी साफ-सफाई से रहने के लिए कहें और पहले उसके हाथ साफ कराएं।
  • बच्चों पर पूरी नजर रखें। इन सब तरीकों का पालन करने के साथ-साथ अन्य बच्चों से कम मिलने दें।
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