कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट एलर्ट मोड में है। विदेश से जाने-आने वाली ज्यादातर फ्लाइट कैंसिलेशल मोड में है। कई विदेशी फ्लाइट घोस्ट फ्लाइट के तौर पर चल रही है यानी काफी कम यात्रियों के साथ उड़ान भर रही हैं। उधर, केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को सभी वीजा आवेदन निरस्त करने के निर्णय से एयर इंडिया ने शंघाई, हांगकांग की फ्लाइट निरस्त कर दी हैं। एयर इंडिया की महज 50 प्रतिशत इंटरनेशनल फ्लाइट ही ऑपरेशनल है।
केंद्र सरकार के फैसले के बाद एयर इंडिया ने इटली जाने वाली फ्लाइट 15 से 25 मार्च और दक्षिण कोरिया की उड़ान 14 से 28 मार्च तक के लिए निरस्त कर दी हैं। इसी तरह दिल्ली-दुबई, दिल्ली-टोक्यो, मैड्रिड, पेरिस, फ्रैंकफर्ट, तेलअवीव जाने वाली फ्लाइटों की संख्या में भी कटौती कर दी है। प्रतिदिन उड़ान भरने वाली आधा दर्जन इंटरनेशनल फ्लाइट निरस्त है तो 10 से अधिक फ्लाइट के ऑपरेशन में कटौती कर दी गई है। बुधवार को इटली के मिलान से नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे एयर इंडिया फ्लाइट के सभी यात्रियों और क्रू मेंबर को भी 14 दिनों की निगरानी में रखा गया है।
ड्यूटी फ्री शॉपिंग एरिया में भी विदेशी यात्रियों के प्रवेश पर पाबंदी
दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्यूटी फ्री शॉपिंग क्षेत्र में 15 देशों के यात्रियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। चीन, अमेरिका, इटली और दक्षिण कोरिया, ईरान, जापान, मलेशिया, हांगकांग, सिंगापुर, इंडोनेशिया, स्पेन, फ्रांस, वियतनाम, नेपाल और थाइलैंड से भारत पहुंचने वाले यात्री कस्टम विभाग के नोटिस के बाद आईजीआई एयरपोर्ट पर ड्यूटी फ्री शॉपिंग इलाके में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
विदेश आने-जाने वाले यात्रियों में कमी
कोरोना वायरस की वजह से विदेश जाने-आने वाले यात्रियों की संख्या काफी घट गई है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट ऑपरेशन जहां 50 प्रतिशत ही हो रहा है, वहीं यात्रियों की तादाद भी 20-30 प्रतिशत ही रह गई है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से औसतन प्रतिदिन 290-310 इंटरनेशनल फ्लाइट संचालित होती है। इनमें 40-50 प्रतिशत विमान उड़ान नहंी भर सके। इसी तरह अमूमन 25 हजार यात्री विदेश से आते है और 20 हजार के करीब जाते हैं। इस संख्या में भी काफी कमी आई है। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार कई विदेशी विमानन कंपनियां यात्रियों की संख्या कम होने के बावजूद विमानों का संचालन कर रही है।