राजधानी में प्रति 10 लाख की आबादी पर 66 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। यह आंकड़ा अन्य राज्यों के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा है। बीते 40 दिन में ही यहां 6 लाख से ज्यादा लोगों के टेस्ट किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जांच की संख्या बढ़ाने से ही दिल्ली में संक्रमण पर लगाम लग रही है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार,अब प्रति 10 लाख की आबादी पर 66,215 जांच की जा रही है। एक महीने पहले यह आंकड़ा 41,571 था। वहीं,अन्य राज्यों की बात करे तो महाराष्ट्र में प्रति 10 लाख की आबादी पर बीस हजार जांच,तमिलनाडु में चालीस हजार,गुजरात में 14 हजार,राजस्थान में 18 हजार और उत्तर प्रदेश में 12 हजार जांच की जा रही है।
सरकार का प्रयास है कि आने वाले दिनों में जांच की संख्या को और बढ़ाया जाए। सभी जिलों से रोजाना कम से कम 2 हजार से ज्यादा सैंपल लेने का लक्ष्य रखा गया है। 18 जुलाई तक यहां प्रतिदित औसतन महज पांच हजार टेस्ट किए जा रहे थे। जिसकी संख्या अब बढ़कर 17 हजार हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जांच की संख्या बढ़ाने के कारण ही दिल्ली में संक्रमण पर लगाम लग रही है। ज्यादा जांच करने से समय पर संक्रमितों की पहचान कर ली जाती है और समय रहते उन्हें आइसोलेट कर दिया जाता है। इससे संक्रमण आगे नहीं फैलता है।
40 दिन में ही 6 लाख से ज्यादा जांच
राजधानी में बीते 40 महीने में ही 6 लाख से ज्यादा जांच की गई हैं। 4 जुलाई तक जांच का आंकड़ा 6,20,368 था। जो अब 12,58,095 हो गया है। इनमें75 फीसदी से ज्यादा एंटीजन प्रणाली से हुई हैं। जांच परिणाम जल्द लेने के लिए अब लोग एंटीजन प्रणाली से अपने कोरोना टेस्ट करा रहे हैं। इसको देखते हुए सरकार इन जांच की संख्या भी बढ़ा दी है।
अब 75 फीसदी से ज्यादा जांच एंटीजन किट से ही का जा रही है। रोजाना होने वाली औसतन 19 हजार जांच में से महज 5 हजार सैंपल आरटी-पीसीआर प्रणाली से लिए जा रहे हैं। इन जांच की संख्या बढ़ाने के बाद से समय पर संक्रमितों की पहचान की जा रही है। इससे संक्रमण पर लगाम लग रही है।
एक माह में इतनी हुई जांच
तारीख जांच
12 जुलाई 21,236
16 जुलाई 20,100
20 जुलाई 11,470
24 जुलाई 19,138
28 जुलाई 18,543
02 अगस्त 12,73
06 अगस्त 20,436
10 अगस्त 12,323
13 अगस्त 15,356
राज्यों में प्रति 10 लाख की आबादी पर जांच
राज्य जांच
दिल्ली 66,215
महाराष्ट्र 20,000
तमिलनाडु 40,000
गुजरात 14,000
राजस्थान 18,000
उत्तर प्रदेश 12,000
गुजरात 13,000
पश्चिम बंगाल 10,000
नोट- सभी आंकड़े दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए हैं