तावडू। शहर में सदर थाना पुलिस की ओर से की जा रही चालान एवं वाहन जब्ती कार्रवाई को लेकर नगरवासियों में रोष है। स्थानीय व्यापारियों और कुछ नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सदर थाना पुलिस शहर के बाजार क्षेत्रों में प्रवेश कर वाहन जांच, चालान और जब्ती की कार्रवाई कर रही है, जबकि शहर के भीतर कानून-व्यवस्था एवं यातायात संबंधी कार्रवाई का दायित्व सिटी थाना पुलिस के पास है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा ऐसी मोटरसाइकिलों पर भी कार्रवाई की गई है जो दुकानों या निजी परिसरों के भीतर खड़ी थीं और सड़क पर संचालित नहीं हो रही थीं। उनका आरोप है कि इस प्रकार की कार्रवाई से व्यापारियों और आम लोगों में असमंजस तथा नाराजगी का माहौल पैदा हुआ है। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर अधिकार क्षेत्र और प्रक्रिया संबंधी सवाल भी उठाए हैं। इस मुद्दे को लेकर व्यापार मंडल एवं अन्य नागरिकों ने जिला पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नियमों के अनुरूप है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
वहीं सदर थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर शीशराम ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है। उनके अनुसार किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की गई है और न ही किसी को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके संबंध में फैलाई जा रही कुछ बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। बता दे कि एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक के चलते जिला पुलिस सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय एयर क्वालिटी प्रबंधन की ओर से मिले निर्देशों पर शिकंजा कस रही है।कसने के निर्देश मिले हैं, लेकिन पुलिस कि इस कार्रवाई से लोगों में रोष भी है।