फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सेक्सुअल क्राइम' पर बखेड़ा, निशाने पर मोदी सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार द्वारा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में सुधार के लिए एक बिल संसद में पेश किया गया है। सरकार इस बिल के सहारे बालिग की उम्र को 18 से घटाकर 16 साल करना चाहती है।
विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जानी मानी विचाकर और दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर वेद कुमारी ने इस बिल पर आपत्ति जताते हुए इसे महज एक राजनीतिक स्टंट करार दिया है।

उनका कहना है कि देश में सेक्सुअल क्राइम में तेजी से वृद्घि हो रही है। ऐसे में सरकार अपराध को रोकने की बजाए अपराधियों को सजा देकर उस पर लगाम लगाना चाहती है।
विज्ञापन


कानून बनाने के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि 16 साल की उम्र का वैज्ञानिक आधार है। अगर ऐसा है, तो क्या कानून बनाने मात्र से बालिगों के अपराध में कोई कमी आई है?

कुमारी ने कहा कि देश में एक लाख बच्चों में से हर तीसरा बच्चा अपराध कर रहा है। कुमारी ने इस तर्क को भी गलत बताया है कि 18 की उम्र के नजदीक पहुंच चुके बच्चों को उनके अपराध के लिए कठोर सजा दी जानी चाहिए और ऐसा इसलिए होना चाहिए कि वह वयस्क होने के कगार पर हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

नाबालिग भी कर रहे गंभीर अपराध

16 साल का बच्चा भी कोई गंभीर अपराध कर सकता है। ऐसे में यह कहना कि 18 साल के करीब पहुंच रहे नाबालिगों के अपराध पर कठोर सजा दी जानी चाहिए, तर्कसंगत नहीं लगता।

जुवेनाइल अपराध बढ़ने के कारणों पर प्रोफेसर कुमारी का कहना है कि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों में सबसे ज्यादा संख्या नाबालिगों की ही होती है।

इनमें से ज्यादातर नाबालिग गरीब तबके के होते हैं। काम-काज के सिलसिले में वो जल्द ही वयस्क लोगों के संपर्क में आ जाते हैं, जिसकी वजह से उनके अपराध करने की संभावना बढ़ जाती है।

ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह हो सकता है कि सजा देने की जगह उन्हें सुधारने का प्रयास किया जाए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कानून मंत्रालय के बीच होने वाले विवाद की ओर भी इशारा किया है।

प्रोफेसर का कहना है कि जहां महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बच्चों को अपराध करने की परिस्थितियों से बचाने की कोशिश करना चाहता है, वहीं कानून मंत्रालय सजा देने को ही कानून का हिस्सा बनाने पर अड़ा हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें