-शिक्षक संघ ने नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप, नियुक्ति रद्द करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर पीआर कुमारस्वामी को प्रोफेसर एमेरिटस बनाने पर विवाद शुरू हो गया है। जेएनयू शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। शिक्षक संघ ने राष्ट्रपति से नियुक्ति रद्द करने और आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष सैयद अख्तर हुसैन और सचिव अविनाश कुमार के अनुसार, प्रोफेसर एमेरिटस का सम्मान चुनिंदा शिक्षकों को मिलता है। अभी तक 15 प्रतिष्ठित शिक्षकों को यह सम्मान दिया गया है। इसका उद्देश्य असाधारण अकादमिक योगदान को मान्यता देना है। कुमारस्वामी को यह सम्मान ऐसे समय दिया गया जब उन पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप हैं।
नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल
सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि 30 सितंबर को हुई कार्यकारी परिषद की आपात बैठक में कुलगुरु शांतिश्री डी. पंडित ने कुमारस्वामी के नाम की घोषणा की। एमेरिटस की नियुक्ति के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव बैठक के एजेंडे में नहीं थे। नियुक्ति के गुण-दोष पर पर्याप्त चर्चा भी नहीं हुई। शिक्षक संघ ने इस संबंध में केंद्रीय सतर्कता आयोग को शिकायत भी की है। पदाधिकारियों ने कुलगुरु पर प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।