ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय में एक संविदाकर्मी ने शुक्रवार दोपहर चूहे मारने की गोलियां खाकर खुदकुशी की कोशिश की। उसे राजकीय आयुर्विज्ञान अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संविदाकर्मी का आरोप है कि नौ माह से वह घायल होने के कारण ड्यूटी पर नहीं आ पाया था, लेकिन अब स्वस्थ होने के बाद उसे ज्वाइन नहीं करने दिया जा रहा। शुक्रवार को वह सीईओ से मिलने गया था। मुलाकात नहीं करने देने पर जान देने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से कनारसी (बुलंदशहर) निवासी रिंकू नागर ने बताया कि वह दादरी में किराये पर रहता है और 12 साल से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में संविदाकर्मी है। रिंकू ने बताया कि नौ माह पहले उस पर रंजिश के कारण कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इसके मेडिकल रिपोर्ट आदि सभी दस्तावेज उसके पास मौजूद हैं। वह चार माह पहले स्वस्थ होकर प्राधिकरण कार्यालय में काम करने के लिए लौटा तो उसे वहां ज्वाइन नहीं करने दिया गया। इसके बाद से वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाकर ज्वाइन करने की मांग कर रहा है।
उसका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। शुक्रवार को वह सीईओ से मिलना चाहता था, लेकिन उनके दफ्तर के बाहर ही उसे रोक लिया गया। इससे क्षुब्ध होकर उसने चूहे मारने की गोलियां कोल्डड्रिंक के साथ निगल लीं। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। प्राधिकरण के कर्मचारी व अधिकारियों ने ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम श्वेताभ पांडे ने कहा कि सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची थी। अभी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ब्रिगेडियर डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि रिंकू ने चूहे मारने की गोलियां सॉफ्ट ड्रिंक में मिलाकर खाई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार है।