द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली के क्षेत्र में पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के हिस्से के निर्माण में बाधा बने 13 हजार पेड़ों को हटाने की मंजूरी दे दी है। दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसकी जानकारी दी गई। जल्द ही दिल्ली क्षेत्र में भी निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लटकने के मसले पर शुक्रवार को दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग की फाइल को मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसका शिलान्यास भी किया जाएगा। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद थे। द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरे होने से इससे सटी सोसाइटियों में रहने वालों के साथ काम के सिलसिले में गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वाले तीन लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। वहीं, गुरुग्राम से दिल्ली का सफर भी सुगम होगा।
दिल्ली से गुरुग्राम के बीच जाम की समस्या को खत्म करने के लिए वर्ष 2006 में छह लेन का 18 किमी लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे प्रस्तावित किया गया था। दिल्ली और हरियाणा सरकार के बीच हुए करार में इसे वर्ष 2010 तक पूरा करने की समय सीमा निर्धारित थी। वर्ष 2008 में द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन जमीन अधिग्रहण न होने व अन्य अड़चनों के कारण 2015 तक केवल 14 किमी पर ही काम हुआ। 2016 में इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दिया गया। एनएचएआई के अधीन आने के बाद इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़ाकर 27 किमी कर दी गई।
एक्सप्रेसवे का 18 किमी का हिस्सा गुरुग्राम में और 9 किमी का हिस्सा दिल्ली में आता है। गुरुग्राम क्षेत्र में न्यू पालम विहार और खेड़कीदौला में बने मकान इसमें अड़चन बने थे। मुआवजा और वैकल्पिक प्लॉट की मांग को लेकर 72 प्लॉट धारक हाई कोर्ट में चले गए थे। जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक बाधित रहा। मई 2018 में कोर्ट ने प्लॉट मालिकों के हक में फैसला सुनाते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को वैकल्पिक प्लॉट व मुआवजा देने के आदेश दिए। जिसके बाद गुरुग्राम क्षेत्र के हिस्से की सभी अड़चनें दूर कर ली गईं, लेकिन दिल्ली के क्षेत्र में करीब 15 हजार पेड़ इसके निर्माण में अभी तक अड़चन बने हुए हैं। हरियाणा सरकार व द्वारका एक्सप्रेसवे का अधूरा निर्माण पूरा करवाने के लिए गठित हुए संगठन इस बाधा को दूर करने के लिए लंबे समय से दिल्ली सरकार से गुहार लगा रहे थे।
पांच चरणों में होना था काम
-5.3 किमी: एनएच-8 महिपालपुर स्थित शिव मूर्ति से सेक्टर-21 द्वाराक रेलवे अंडर ब्रिज तक
-4.5 किमी: रेलवे अंडर ब्रिज से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर
-10.2 किमी: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से बसई आरओबी
-7.9 किमी: बसई आरओबी से खेड़कीदौला टोल प्लाजा
-आईजीआई एयरपोर्ट से एक्सप्रेस-वे को कनेक्ट किया जाएगा
इसे लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा था। खुशी है कि दिल्ली सरकार ने बाधा को दूर करने की मंजूरी दे दी है। द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरे होने से लाखों लोगों को फायदा होगा।
-याशीश यादव, अध्यक्ष, द्वारका एक्सप्रेसवे वेलफेयर एसोसिएशन
सरकार के इस फैसले से खुशी है। उम्मीद है जल्द इसका शिलान्यास कर काम शुरू होगा। लोगों को इसके कारण काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
-प्रवीन मलिक, उपाध्यक्ष, यूनाइटेड एसोसिएशन फॉर न्यू गुरुग्राम