सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने संबंधी मामले को सात सदस्यीय पीठ के पास भेज दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने इस मसले को सात सदस्यीय पीठ के पास परीक्षण के लिए भेज दिया है।
हालांकि, चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह स्पष्ट किया कि एएमयू में मुस्लिमों को मिल रहा 50 फीसदी आरक्षण फिलहाल प्रभावी रहेगा। मालूम हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है।
इस फैसले के खिलाफ तत्कालीन यूपीए सरकार और एएमयू सहित अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि बाद में एनडीए सरकार ने अपनी अपील वापस ले ली थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि पूर्व सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। बाद में एनडीए सरकार ने सत्ता आने के बाद अपील वापस लेने का निर्णय लिया।