पंजाबी बाग थाने में तैनात एक सिपाही ने बहादुरी दिखाते हुए एक वाहन चोर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिसकर्मियों को देखते ही वाहन चोर अपने दो सहयोगियों के साथ कार से भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बाइक से उनका पीछा किया और एक वाहन चोर को पकड़ लिया।
इस दौरान आरोपी के दो सहयोगी मौके से फरार हो गए। पकड़े गए बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने पांच कारें, 25 रिमोट, कई उपकरण और 50 चाबियां बरामद की हैं। शुरुआती जांच में आरोपी के 28 वारदात में शामिल होने की बात सामने आई है। जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान करावल नगर निवासी राजकुमार के रूप में हुई है।
पुलिस उपायुक्त ने जिले में वाहन चोरी रोकने के लिए सभी थाना पुलिस को गश्त करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत शुक्रवार सुबह पंजाबी बाग थाने में तैनात सिपाही कर्मवीर व हवलदार मनोज रफ्तार बाइक से गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस कर्मियों ने मादीपुर इलाके में एक कार देखी। कार में तीन लोग सवार थे। मामला संदिग्ध लगने पर कर्मवीर अपने आला अधिकारियों को इस बात की जानकारी देकर कार के पास पहुंचे।
कार चालक ने पुलिसकर्मियों को देखकर रफ्तार बढ़ा दी। कर्मवीर कार का पीछा करने लगा। आठ से दस मिनट बाद कार एक दीवार से टकरा गई। चालक कार को पीछा कर उसे भगाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान कर्मवीर अपनी बाइक से छलांग लगाकर कार के पास पहुंचा और ड्राइवर साइड वाले शीशे को तोड़कर चालक को काफी मशक्कत के बाद काबू किया। इस दौरान कार में बैठे दो अन्य आरोपी फरार हो गए। जांच में पता चला कि आरोपी चालक ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। कार पंजाबी बाग इलाके से चोरी की गई थी।
उपकरणों की मदद से नया रिमोट तैयार करता था
पूछताछ में आरोपी राजकुमार ने बताया कि तीन से चार माह के बीच वह पश्चिमी और मध्य दिल्ली से पचास से अधिक कारों की चोरी कर चुका है। वाहन चोरी करने के बाद वह इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जरिये कार के लॉक व सिक्योरिटी सिस्टम को बदल देता था। वह उपकरणों की मदद से लॉक व रिमोट की फ्रीक्वेंसी बदल देता था और नया रिमोट बनाकर उसे ब्लूटूथ से जोड़ देता था। उसने बताया कि वाहनों की चोरी करने के बाद उसे मेरठ, अलीगढ़ और मुरादाबाद में बेच चुका है।