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MCD में हार के बाद कांग्रेस में बढ़ेगा घमासान, तो क्या ढूंढने पड़ेंगे तीनों विंग अध्यक्ष

Thu, 27 Apr 2017 10:19 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
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माकन और राहुल गांधी
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एमसीडी चुनाव में कांग्रेस को मिली बड़ी हार के बाद कांग्रेस में घमासान और बढने की आशंका है। नैतिकता के आधार पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने विरोधियों की तरफ से इस्तीफा मांगने के पहले इस्तीफा बेशक दे दिया है लेकिन हार को टिकट बंटवारे की मानमानी से विरोधी खेमा नेता जोड़ रहे हैं। 
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इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा आलाकमान स्वीकार करता है तो दिल्ली में प्रदेश युवक कांग्रेस, प्रदेश महिला कांग्रेस के साथ-साथ तीसरे मुख्य कांग्रेस के अध्यक्ष की तलाश भी कांग्रेस को करनी होगी।

कांग्रेस में टिकट बंटवारे से उठे घमासान, युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित मलिक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली, महिला कांग्रेस अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने मतदान के सप्ताह में पार्टी छोडने को भी पार्टी नेता नुकसान से जोड़कर देख रहे हैं। तो वहीं कांग्रेस के कई दिग्गज नेता टिकट बंटवारे में बड़े नेताओं की अनदेखी को कांग्रेस के नुकसान का बड़ा कारण बता रहे हैं।
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जमीनी स्तर पर काम करने वाला बने प्रदेश अध्यक्ष   

- फोटो : AmarUjala
इन सबके बीच एक खेमा यह कह रहा है कि अजय माकन का इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा तो वहीं दूसरा खेमा कह रहा है कि विरोधी नेताओं का मुंह बंद करने केलिए कांग्रेस आलाकमान इस्तीफा स्वीकार करे। कांग्रेस के तीनो विंग में नई जिम्मेदारी के साथ पार्टी को बढ़ाया जाए।

पूर्व मंत्री और अब भाजपा नेता अरविंद सिंह लवली की गांधी नगर विधानसभा में सभी वार्ड कांग्रेस हार गई। तो बाबरपुर विधानसभा में जनता कालोनी वार्ड में बागी प्रत्याशी जाकिर खान के कारण और वेलकम वार्ड में सुदेश चौधरी के कारण कांग्रेस चौथे नंबर पर पहुंची। इन दोनो वार्ड में बागी प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे हैं।

कांग्रेस के दिग्गज नेता हारे जिसमें पूर्वी एमसीडी की नेता प्रतिपक्ष वरयाम कौर, पूर्व निगम पार्षद सविता शर्मा, प्रीति, अजीत चौधरी, ताज मोहम्मद, अंजना पारचा चुनाव आर गए। सविता शर्मा तीसरे नंबर पर रहे हैं। तो वहीं भजनपुरा से पूर्व निगम पार्षद रेखा रानी 58 वोट और पूर्व निगम पार्षद ताज मोहम्मद नेहरु विहार वार्ड से 36 वोट से चुनाव हारे हैं।
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एमसीडी इलेक्शन
इस हार के बीच पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित समेत कुछ अन्य नेता इस हार को प्रदेश नेतृत्व से जोड़ रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. योगानंद शास्त्री ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने हार और नैतिकता का हवाला देकर इस्तीफा दिया है तो आलाकमान को उनका आदर करके इस्तीफा स्वीकार करना चाहिए।

ऐसे आदमी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देनी चाहिए जो जमीनी स्तर पर पार्टी केलिए काम करे, खाली दिखावा ना करे। शास्त्री ने हार के पीछे टिकट वितरण को भी एक बड़ा कारण बताया है। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण ठीक से होता तो शायद इतना नुकसान ना होता।

पूर्व मंत्री हारून यूसुफ का कहना है कि मोदी के नाम पर वोट मिला तो क्या वो नाली साफ कराने आएंगे। हमने इंडिया साइनिंग भी देखा है, तब भी कुछ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे और कांग्रेस बाद में जीती थी।

तो वहीं हारून यूसुफ ने एमसीडी में हार को लेकर कहा है कि हमें संगठन की मजबूती कैसे हो इसका आंकलन करना होगा। आम आदमी के मुद्दे पीछे हो गए हैं, उसकी बात करनी पड़ेगी।
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