ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम शुरू नहीं हो पा रहा। एनएचएआई से डिजाइन व पैसे न मिल पाने के कारण दिक्कत हो रही है। यमुना एक्सप्रेसवे से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर उतार-चढ़ाव के लिए इंटरचेंज का निर्माण यमुना प्राधिकरण करेगा। इसका पैसा और डिजाइन एनएचएआई देगा। अभी तक यमुना प्राधिकरण को डिजाइन और पैसा नहीं मिल सका है। इसके चलते निर्माण में देरी हो रही है।
हालांकि एक बार एनएचएआई ने डिजाइन भेजा था, लेकिन उससे 60 मीटर रोड को कनेक्ट नहीं किया गया था, जिसकी वजह से यीडा उस पर राजी नहीं हुआ। इस 60 मीटर रोड से ही यमुना प्राधिकरण के सभी सेक्टर जुड़े हुए हैं। इससे यहां के औद्योगिक सेक्टरों की पहुंच भी आसानी से हो जाएगी। इसके निर्माण पर करीब सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बन जाने से यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। यात्री इन पर सफर कर सकेंगे।
दरअसल, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर जिले में दो जगह बील अकबरपुर और सिरसा में इंटरचेंज बने हैं। यहां से वाहन पेरिफेरल पर चढ़-उतर सकते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज नहीं है। जगनपुर-अफजलपुर के पास यमुना एक्सप्रेसवे के ऊपर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। इसी जगह इंटरचेंज बनाने की योजना है। इस इंटरचेंज के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने भी मुहर लगा दी है। इसका डिजाइन और पैसा एनएचएआई से मिलना है, जबकि इसका निर्माण यमुना प्राधिकरण करेगा। कई बार मांगने के बावजूद अभी तक प्राधिकरण को डिजाइन और पैसे नहीं मिले। इसको लेकर यीडा की तरफ से प्रदेश के मुख्य सचिव को भी जानकारी दी गई है।
प्राधिकरण के जीएम देवेंद्र बालियान ने बताया कि इंटरचेंज का निर्माण शुरू होने के बाद पूरा होने में करीब एक साल लगेगा। डिजाइन व पैसे मिलने के बाद यीडा टेंडर निकालेगा। इसके बाद एजेंसी का चयन कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
इंटरचेंज के पास बनेगा टोल प्लाजा
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज के पास ही टोल प्लाजा भी बनेगा, ताकि यहां से चढ़ने वाले वाहनों से टोल वसूला जा सके। यह टोल एनएचएआई के पास रहेगा। इसके बनने से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या में इजाफा होगा। साथ ही लोगों को भी सहूलियत मिलेगी।