कांग्रेस ने अब तक 54 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि 16 सीटें प्रत्याशियों के इंतजार में हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने देर रात कहा कि प्रत्याशियों की दूसरी सूची सोमवार को जारी कर दी जाएगी।
सभी नाम लगभग तय हो चुके हैं, लेकिन पार्टी की कोशिश यह भी है कि टिकट वितरण में कोई ऐसा उम्मीदवार न रह जाए, जिन्होंने पार्टी के लिए वर्षों से काम किया है और जीतने की उम्मीद भी है।
वहीं, रविवार को घोषित उम्मीदवार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर दिनभर सिंबल लेने के लिए भागदौड़ करते नजर आए। जहां प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं उन सीटों के लिए दावेदार शीर्ष नेताओं से मुलाकात करते दिखे।
घोषित प्रत्याशी सिंबल लेने के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से आशीर्वाद लेते भी दिखाई दिए। अलका लांबा, हारुन यूसुफ, प्रदीप कुमार पांडेय समेत और भी कई नेता पार्टी का चुनाव चिह्न लेने पहुंचे।
हालांकि, पहली सूची के जारी होने के बाद कुछ पुराने और कर्मठ नेता टिकट नहीं मिलने से नाराज भी हैं। बावजूद इसके, पार्टी की बेहतरी के लिए चुनाव के दौरान चुप रहकर पार्टी को जीत दिलवाने के लिए समर्थन में खड़े हैं। बुराड़ी, किराड़ी, मादीपुर, तिलकनगर, विकासपुरी, उत्तम नगर, बिजवासन, पालम, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली, महरौली, बदरपुर, ओखला, कोंडली, घोंडा और करावल नगर सीट पर उम्मीदवार घोषित किए जाने का इंतजार है।
किसे उतारे केजरीवाल के सामने
नई दिल्ली सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि इस सीट से शीला दीक्षित की पुत्री लतिका को टिकट मिल सकता है। एक बार निर्भया की मां के नाम पर भी चर्चा हुई, लेकिन पार्टी के आला नेता अभी इस पर मंथन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने ऐसे उम्मीदवार की तलाश की जा रही है जो उन्हें मात दे सके।
टिकट की उम्मीद में बनवा लिए थे टी-शर्ट
टिकट की आस लगाए बैठे दो उम्मीदवारों को अचानक मायूस होना पड़ा। एक उम्मीदवार ने अपने नाम और पार्टी के चुनाव चिह्न के साथ टी-शर्ट भी बनवा लिए थे और सैकड़ों पैन भी खरीद लिए थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उन्हें मायूसी का सामना करना पड़ा। कुछ और टिकट के दावेदारों ने चुनाव में उतरने की तैयारी कर थी, लेकिन नाम की घोषणा होने पर उन्हें मायूस होना पड़ा।