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परिणाम से पहले ही कांग्रेस ने निकाला लिया है बचाव का तरीका

Wed, 26 Apr 2017 10:29 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अजय माकन - फोटो : अमर उजाला
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एमसीडी चुनाव के परिणाम आज दोपहर तक करीब-करीब फाइनल हो जाएंगे। रुझान से ही कांग्रेस ने आंकड़ों पर राजनीति करने का रोडमैप तैयार कर लिया है।
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बेशक निगम उपचुनाव में कांग्रेस ने 30 फीसदी और राजौरी गार्डन उपचुनाव में 33 फीसदी वोट लिए हैं लेकिन तुलना 2015 के विधानसभा चुनाव से करेगी। ये एजेंडा किसी और ने नहीं बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने सेट किया है।

अच्छा परिणाम आया तो वोट प्रतिशत में उतने गुणा वृद्धि हुई और 2015 में मिले 9 फीसदी से कम वोट की कोई आशंका है नहीं।  दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर संदेश दिया है कि एमसीडी चुनाव परिणाम का इंतजार है।
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INC workers have done well to jump from 12% to 38% in just 2 years! AAP loses deposit

Keep the spirit alive-we'll be the dark horse in MCD! — Ajay Maken (@ajaymaken) April 13, 2017

तुलना आखिरी 2015 के विधानसभा चुनाव से करें। आम आदमी पार्टी को 54.3 फीसदी, भाजपा को 32.2 फीसदी और कांग्रेस को 9.6 फीसदी वोट मिले थे।a
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व‌िधानसभा चुनाव से करेगी कंपेयर

अजय माकन - फोटो : अमर उजाला
अब देखते हैं कि एमसीडी चुनाव में कौन जीतता है और कौन सबसे अधिक लाभ उठाता है। कांग्रेस को 2013 विस चुनाव में 24.5 फीसदी और लोकसभा चुनाव 2014 में 15 फीसदी वोट मिले थे।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी के सभी प्रवक्ता, जिलाध्यक्षों को पार्टी की इस लाइन लेंथ से अवगत करा दिया गया है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी जिलाध्यक्षों से उनके क्षेत्र के वार्डों में हुई वोटिंग पर चर्चा की तो ज्यादातर जिलाध्यक्षों ने टीवी चैनलों के एग्जिट पोल का गलत करार दिया है।

जिलाध्यक्षों ने जो रुझान दिए हैं, उस हिसाब से कांग्रेस 75 सीट से कांग्रेस ऊपर रहेगी। वोट प्रतिशत 30 फीसदी के आसपास पहुंचता है तो ये कहना आसान होगा कि कांग्रेस ने तीन गुना पाया है।

वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के विरोधी गुट के नेता इस ताक में हैं कि चुनाव परिणाम की तुलना 2015 परिणाम के बजाय एमसीडी उपचुनाव और 2012 में हुए एमसीडी चुनाव परिणाम से होनी चाहिए।

ऐसे में पार्टी को अगर 75 सीट से कम मिलती है तो अजय माकन के खिलाफ विरोध फिर तेज हो सकता है। जबकि सीटें 75 से ऊपर पहुंचती हैं तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अजय माकन का रुतबा बढ़ने के साथ-साथ विरोधी गुट दबेंगे।
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