मतदाताओं में अपनी पैठ और मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस नए तेवर और नए कलेवर के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। लाडली योजना, अनधिकृत कॉलोनी, पेंशन में बढ़ोतरी सहित दिल्ली में पूर्व की शीला दीक्षित सरकार के दौरान की योजनाओं का विस्तार कर नए कलेवर में जनता के बीच रखेगी। चुनावी घोषणा पत्र में पूर्व कांग्रेस सरकार की योजनाओं में बदलाव कर शामिल किया जाएगा।
पार्टी नेताओं का दावा है कि यदि वह सत्ता में आते हैं तो दिल्लीवासियों को अधिक से अधिक राहत देने के लिए इन योजनाओं को लागू किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार केंद्र के एनआरसी, सीएए और एनपीआर के मुद्दे को भी पार्टी विधानसभा चुनाव में भुनाएगी।
चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने से पहले कांग्रेस लगातार इन मुद्दों को लेकर विपक्षियों पर निशाना साध रही है। अब तक हल्ला बोल रैलियों में कांग्रेस लगातार अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा उठाती रही है। कांग्रेस सरकार ने 2012 में 600 से अधिक कॉलोनियों को नियमित करने की पहल की थी। अब नए तेवर के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। पार्टी न केवल कॉलोनियों के नियमितीकरण के दावे कर रही है, बल्कि पेंशन योजना को भी नए सिरे से लागू करने के लिए इसे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने का दावा किया है।
शिक्षा में तयशुदा बजट से कम खर्च पर चिंता जताते हुए इसे बढ़ाने के अलावा लड़कियों के लिए दोबारा लाडली स्कीम को नए सिरे से लागू करने के लिए भी पार्टी ने खाका तकरीबन तैयार कर लिया है। दिल्ली सरकार पर जवाबी हमला बोलते हुए कांग्रेस ने पहले ही 600 यूनिट तक बिजली फ्री करने की घोषणा कर दी है।
60 फीसदी से अधिक कॉलोनियां नहीं होंगी नियमित
अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री के मामले पर भी कांग्रेस लगातार भाजपा-आप पर निशाना साध रही है। कांग्रेस का कहना है कि धारा-7ए के लागू होने से 60 फीसदी से अधिक कॉलोनियां नियमित नहीं हो पाएंगी। क्योंकि, इस धारा के तहत हाईटेंशन वायर, वन क्षेत्र, राजमार्ग के दायरे में आने वाली कॉलोनियां नियमित नहीं हो सकेंगी।