दिल्ली में बिजली पानी के संकट को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि जब तक दिल्ली में हालात ठीक नहीं होते वह विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
बिजली-पानी के मुद्दे पर चल रहा कांग्रेस का आंदोलन लगातार सोमवार को भी जारी रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एनएच-24 पर प्रदर्शन किया और काफी देर तक सड़क जाम रखी।
कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार को राजधानी में हालात सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले समय में पार्टी का रुख और सख्त होने वाला है।
'मोदी के आवास को घेंरेंगे'
सोमवार को एनएच 24 पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी का कहना है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास का घेराव करेंगे।
कांग्रेस की इस चेतावनी का थोड़ा असर शायद केंद्र पर हुआ है।
सोमवार सुबह से ही दिल्ली में बीजेपी नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच बैठकों का दौर जारी है। इसी बीच दिल्ली के विधायकों ने भी ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की।
विधायक ने याद दिलाया चुनावी वादा
दिल्ली के विधायकों से मुलाकात के बाद उर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि बवाना प्लांट अभी बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लोड कम हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने बिजली संकट के मुद्दे पर उपराज्यपाल नजीब जंग को एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है ताकि मुंबई की तर्ज पर दिल्ली में भी 24 घंब्े बिजली सप्लाई की जा सके।
मुलाकात के दौरान बीजेपी विधायक रामवीर बिधूडी ने उर्जा मंत्री से बिजली की दर में 30 फीसदी सब्सिडी देने की मांग की। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव से पहले बीजेपी ने इस बात का जिक्र अपने मेनिफेस्टो में किया है, जिसे अब पूरा करना चाहिए।
केजरी ने कहा, 'हमने क्या किया?'
उधर, कांग्रेस नेताओं की ओर से सवालों की झड़ी के बाद आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी पलटवार किया है।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पिछले 15 सालों से कांग्रेस की सरकार थी। सिर्फ 49 दिनों में हमने क्या कर दिया?
बता दें कि बिजली पानी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही कांग्रेस के नेताओं ने कहा था कि दिल्ली पर आए इस संकट के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार अरविंद केजरीवाल हैं।