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दिल्ली विधानसभा चुनावः  कांग्रेस ने कहा, भाजपा और आप को लेनी पड़ सकती है कांग्रेस की मदद

Mon, 10 Feb 2020 06:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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subhash chopra - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के एग्जिट पोल के नतीजे को कांग्रेस ने खारिज किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि न तो वोट प्रतिशत और न ही सीटें सही बताई जा रही है। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों में एग्जिट पोल के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा उन नतीजों से बेहतर प्रदर्शन किया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी प्रदर्शन अन्य राज्यों से बेहतर होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। 

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शुरुआती दौर से ही कांग्रेस को कुछ सीटों पर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश शर्मा समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने भी एक्जिट पोल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नतीजे चाहे कुछ भी हो मतदान प्रतिशत 10 फीसदी से कम नहीं है। ऐसे में 10 फीसदी वोट यानी लगभग छह लाख वोट की अहमियत कई गुना बढ़ जाएगी। दो प्रमुख पार्टियों की सीटें अगर कम हो तो उन्हें कांग्रेस प्रत्याशियों की मदद लेनी पड़ सकती है।

दो बजे के बाद समुदाय विशेष ने बदला मतदान का रुख 
एक नेता का कहना है कि शनिवार दोपहर बाद दो बजे तक मतदाताओं का रुख अचानक बदल गया। सुबह से कांग्रेस का समर्थन करने वाले एक समुदाय विशेष के हजारों वोटरों ने दूसरी पार्टी की तरफ रुख कर लिया। देर रात तक मतदान होने की वजह से चुनावी समीकरण काफी बदलने की आशंका से भी कांग्रेस चिंतित है। 
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खुद मोर्चा संभालने वाले प्रत्याशी से ही जीत की उम्मीद 
अभी भी उन जगहों पर पार्टी को जीत की उम्मीद है जहां प्रत्याशियों ने निजी स्तर पर चुनाव जीतने के लिए मेहनत की। हालांकि, बाद में कई स्टार प्रचारक भी मैदान में उतरे। रिठाला, रोहिणी, जनकपुरी समेत कुछ ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां कांग्रेस को पहले भी कभी जीत नहीं मिली है।

हरियाणा से बेहतर होंगे परिणाम
कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम हरियाणा से बेहतर होंगे। गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी ने कहा कि सीएए-एनआरसी का पार्टी पहले से ही विरोध कर रही है, लेकिन इसे पार्टी ने चुनाव का मुद्दा नहीं माना। उन्होंने दूसरी पार्टियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इसे भुनाने की तमाम कोशिशें की गई।

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