सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मामला दर्ज होने के साथ ही सियासी तूफान मच गया है। कांग्रेस जहां एक ओर राफेल सौदे से ध्यान हटाने की बात कह रही है और वहीं भाजपा इसे वाड्रा व हुड्डा की करतूत बता रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ जमीन घोटाले में एफआईआर दर्ज करना राजनीति से प्रेरित है। तंवर ने इसे लोकसभा और विधानसभा चुनाव के नजदीक होने के चलते कांग्रेस की छवि खराब करने और राफेल सौदे से लोगों का ध्यान हटाने की कारस्तानी बताया है और आरोप लगाया है कि इस रक्षा सौदे में भाजपा ने करोड़ों रुपये की दलाली खाई है। इस कारण वह चुप बैठी हुई है। मगर कांग्रेस चुप नहीं रहेगी और भाजपा का पूरी मजबूती से जवाब देगी।
इंडियन नेशनल लोकदल प्रदेश प्रवक्ता दलबीर धनखड़ ने कहा कि राज्य सरकार की काफी देर बाद नींद टूटी है। फिर भी हम सरकार के कदम का स्वागत करते है। राज्य सरकार की कमान संभालते ही भाजपा को जमीन घोटाले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। अब लोकसभा और विधानसभा चुनाव नजदीक आने के चलते राज्य सरकार ने जमीन घोटाले में कार्रवाई की है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एफआईआर दर्ज राजनीति से प्रेरित नहीं है। इस एफआईआर ने सत्ता के दुरुपयोग का खुलासा किया है। जमीन के सौदों में हेराफेरी करके कांग्रेस नेताओं ने करोड़ों रुपये कमाए थे। कांग्रेस हताशा में आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस के आरोपों में कोई दम नहीं है।