दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने एमसीडी चुनाव के बाद पहले संवाददाता सम्मेलन में साफ किया कि पार्टी के खिलाफ काम करने वालों पर सख्ती करेंगे। इससे पहले माकन ने एमसीडी चुनाव प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायकों की बैठक ली।
उसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को तमाम लोगों ने शिकायत की है कि पार्टी के ही कई नेताओं ने उन्हें हराया। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
माकन ने प्रत्याशियों से कहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधि जिसने की है, उसके खिलाफ दो दिन में शिकायत दें, अनुशासन समिति पड़ताल करके दोषी पर कार्रवाई करेगी। हालांकि बैठक में पिछले कुछ दिनों से चली आ रही कड़वाहट से जुड़े नेता शामिल नहीं हुए।
पूर्व मंत्री में प्रो. किरण वालिया के अलावा कोई पूर्व मंत्री नहीं आया। पूर्व मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया, हारून यूसुफ, मंगतराम सिंघल की कड़वाहट प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ टिकट बंटवारे को लेकर सामने आई थी, ये बैठक में नहीं आए।
तो पूर्व सांसदों में सज्जन कुमार, महाबल मिश्रा और रमेश कुमार के अलावा कोई और पूर्व सांसद नहीं आए। हालांकि बैठक में शामिल होने वालों में पूर्व विधायकों की लंबी फेहरिस्त थी। बैठक में सुकमा शहीदों और कश्मीर में शहीद हुए जवानों की आत्मा की शांति के लिए मौन भी रखा गया।
माकन के साथ-साथ पीसी चाको ने पार्टी नेताओं की हौसलाअफजाई की। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि राजौरी गार्डन चुनाव में 33 फीसदी वोट और फिर 2015 के विधानसभा चुनाव में मिले 9 फीसदी से अब 22 फीसदी वोट कांग्रेस की दिल्ली में वापसी के संकेत हैं। लोकसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा और आम आदमी पार्टी का वोट प्रतिशत घटा है।