नागर ने कहा कि उनके घर के ड्राइंग रूम से लेकर, रसोईघर और शौचालयों तक पर आयकर विभाग टीम ने ही कब्जा जमाए रखा। ललित नागर ने बताया कि पहले ही दिन मात्र चार घंटों में आयकर विभाग ने अपनी सर्च पूरी कर ली थी। इसके बावजूद 90 घंटों तक उन्हें सिर्फ परेशान करने के लिए टीम उनके आवास पर डेरा डाले रही।
टीम उनके घर से जाने के लिए भी ऊपर से किसी के आदेश का इंतजार कर रही थी। उन्होंने कहा कि 2016 और 17 में उनके यहां दो बार ईडी कार्रवाई कर चुकी है। 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान भी आयकर विभाग ने उनके घर सर्च अभियान चलाया था। तब भी उन्हें कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला था।
अब मात्र तीन माह के अंदर दोबारा से आयकर विभाग ने कार्रवाई कर साबित कर दिया है कि यह एजेंसी केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में एक अघोषित अपातकाल जैसे हालात हैं। आए दिन परेशान किए जाने के बाद अब वह कोर्ट की शरण लेंगे।