दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जेपी अग्रवाल के इस्तीफे के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए सियासी गलियारों में चर्चाएं गरमा रही हैं। उधर, उनके इस्तीफे के एक्सेप्ट न होने की खबरें भी आ रही हैं।
कांग्रेस का एक धड़ा तर्क दे रहा है कि जनवरी में पार्टी का अधिवेशन है और फिर मई 2014 में लोकसभा चुनाव। इसके मद्देनजर पार्टी हाईकमान अग्रवाल को अभयदान दे सकता है।
कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि 17 जनवरी, 2014 को दिल्ली में कांग्रेस का अधिवेशन होना है। उसमें प्रदेश अध्यक्ष को इंतजाम करना होता है। अध्यक्ष बदलना है तो पार्टी को अगले एक सप्ताह में फैसला लेना होगा।
बदलाव की संभावनाओं को देखते हुए नए अध्यक्ष के लिए कई नेताओं के नाम भी चर्चा में आने लगे हैं। इसमें पांच बार के मुस्लिम विधायक हारून यूसुफ, तेज तर्रार युवा नेता अरविंदर सिंह का नाम आगे आ रहा है।
जाट नेता डॉ. योगानंद शास्त्री, गुर्जर नेता व 1977 में राष्ट्रपति शासन के दौरान दिल्ली में संगठन के लिए काम करने वाले चतर सिंह भी इस पद के दावेदार हैं। वहीं राहुल गांधी की गुड लिस्ट में शामिल अजय माकन का नाम भी चर्चा चल रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जेपी अग्रवाल धड़े में शामिल नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तरफ से संगठन को दरकिनार करने और हठधर्मिता की बातें आलाकमान को पता है।
ऐसे में हार का ठीकरा प्रदेश अध्यक्ष पर नहीं फूटेगा। उनका तर्क है कि जेपी अग्रवाल को लोकसभा चुनाव तक बनाए रखा जाएगा।