राज्य सभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान पर शुक्रवार को भाजपाईयों ने गुस्सा उतारा और कांग्रेस नेता का पुतला फूंका। इससे पहले नूंह की नई अनाजमंड़ी स्थित भाजपा कार्यालय पर एकत्रित हुए भाजपाईयों ने जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप देशवाल के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी कर देश के गद्दारों व राष्ट्रभक्तों को दो अलग-अलग पंक्तियों में खड़ा कर दिया है। देश के गद्दार तरह-तरह के बहाने, बयानबाजी कर नोटबंदी काविरोध कर रहे है।
जबकि राष्ट्रभक्त सर्दी में भी लाइन में आराम से खडे़ है और खुशी-खुशी अपना काम करा रहे है। गुलाम नबी आजाद ने बयान दिया था कि उड़ी हमले से ज्यादा लोग तो नोटबंदी के चलते मर रहे है। उनके इस बयान से शहीदों का अपमान हुआ है। जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक तौर पर शहीदों व उनके परिजनों से माफी मांगनी चाहिए। नोटबंदी सीधेतौर पर देशहित व आमजन के हित में है।
इससे शुरूआत में जरुर लोगों को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन कुछ समय बाद ही इसके सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे। सबसे अधिक कालाधन कांग्रेस पार्टी, केजरीवाल व ममता बनर्जी के पास है। सरकार के नोटबंदी के फैसले से इन लोगों की नींद हराम हो चुकी है और ये सिर्फ इसी जुगत में लगे हुए है कि किसी तरह सरकार पर दबाव बनाकर कालेधन को सफेद कर सके।
भाजपा प्रदेश सचिव कुंवर संजय सिंह, औरंगजेब बीसरू, जाहिद चेयरमैन, नरेंद्र पटेल, शिवराम शर्मा, जाहिद हुसैन रेहना, तैयब अलावलपुर, इकबाल जैलदार, जसवंत गोयल, राम अवतार सिंगला, जमशेद अलालपुर, हरकेश उजीना, रामकिशन भगत, योगेश तंवर, मुनेश फौजी, जैद सालाहेड़ी, अंशुल भादस, डा. सुरेश बघेल सहित दर्जनों भाजपाईयों ने कार्यालय से चलकर होड़ल चौक पर गुलाम नबी आजाद का पुतला फूंका। इस दौरान पैदल मार्च करते हुए उन्होंने जमकर कांग्रेस पार्टी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गद्दार करार दिया।