आप से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुई विधायक अलका लांबा ने पुरानी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चांदनी चौक की विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि आप पहली ऐसी पार्टी होगी, जो भाग-भागकर अपने ही विधायकों की सदस्यता रद्द कराने के लिए इतनी आतुर दिख रही है। जब इतना बहुमत मिलता है तो दिमाग तो खराब होता ही है। घमंड और अहंकार भी आ जाता है। जो दिख भी रहा है।
ट्विटर पर अलका लांबा ने कहा कि आप ने एक महिला को सदन से बाहर निकलवाया था, अब आप की बारी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि केजरीवाल जी, 100 विधायक पद कुर्बान हैं अपनी जनता के लिए। पर उनसे किए गए एक-एक वादे को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाऊंगी। आप अपने वादों को पूरा कीजिए, वर्ना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहिए।
जनता पूछ रही है। बताइए कि आपने चांदनी चौक में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम क्यों रुकवा दिया। मुझे चांदनी चौक की जनता पर पूरा भरोसा है। पांच महीने बाद अपने पूरे पांच साल के कामों का लेखा-जोखा देना है। इन पांच महीने सदन में न सही, सड़क पर आपकी नाकामी की पोल खोलूंगी। उन्होंने नारा भी दिया ‘आप नहीं यह धोखा है। दिल्ली बचा लो मौका है।’
उल्लेखनीय है कि आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि अलका लांबा ने विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया है। पार्टी उन्हें अयोग्य घोषित कराने के लिए याचिका दाखिल करेगी। सौरभ की याचिका पर ही देवेंद्र सहरावत, संदीप कुमार, कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द हुई थी।
लांबा ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि एमसीडी कार्यालय जाकर अधिकारियों से मुलाकात कर सुनिश्चित किया कि किसी भी कीमत पर, किसी के भी दबाव में, चाहे वह आप हो या भाजपा, जनता के विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए।