दिल्ली में लोकसभा चुनावों में सातों सीटें खोने वाली कांग्रेस अपना जनाधार बढ़ाने के लिए हर संभव मुहिम छेड़ रही है। बिजली संकट के बाद अब कांग्रेस ने राजधानी में पानी की समस्या से बेहाल जनता के लिए अपनी आवाज बुलंद कर दी है।
लगभग एक साल पहले इन्हीं मुद्दों के दम पर लोकप्रिय हुई आम आदमी पार्टी के इस आइडिया पर काम करने वाली कांग्रेस दिल्ली में चुनावी हलचल का पूरा फायदा उठाना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी की रणनीति चुनावों से पहले जनता के बीच अपनी पैठ जमाने की है।
कांग्रेस ने अपनाया AAP का फंडा
दिल्ली में बिजली कटौती के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करने के बाद अब कांग्रेस ने पानी की समस्या का मु्द्दा प्रमुखता से उठाया है। इसके लिए पार्टी ने ऐसे इलाकों को चुना है जहां लोगों का इनकम बहुत कम है।
बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन की सफलता और असर को देखते हुए कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से अब अपने वोट बैंक को वापस पाने के लिए उसी का तरीका इस्तेमाल करना शुरू किया है।
पानी की किल्लत को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली जलबोर्ड के सीईओ से मुलाकात की। यही नहीं, कांग्रेस नेता इस समस्या के खिलाफ घर घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी रणनीति बनाई है।
'काट देंगे सिसोदिया के घर की बिजली'
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने बताया कि पश्चिम दिल्ली के बिंदापुर, मोहन गार्डन, ककरौला, सागरपुर के अलावा दक्षिण दिल्ली के संगम विहार, देवली व अंबेडकर नगर समेत तमाम कॉलोनियों में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
इस संबंध में कांग्रेस का 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जल बोर्ड के सीईओ से मिला। वहीं दक्षिण दिल्ली में पूर्व सांसद सज्जन कुमार, रमेश कुमार व पूर्व विधायक विजय लोचव ने जल संकट को लेकर जल बोर्ड के खिलाफ उतरने का ऐलान किया है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी ऐलान किया है कि अगर राजधानी में बिजली पानी का संकट आता है तो अब बीजेपी के दिग्गज नेताओं और आप के मनीष सिसोदिया के घर की बिजली काट दी जाएगी।
तो ये है कांग्रेस का असली प्लान?
दरअसल कांग्रेस की इस पूरी रणनीति के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि पिछले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने जिन सीटों पर कांग्रेस के वोट हथिया लिए थे उन्हें हर हाल में वापस पाना।
विधानसभा के बाद लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस को वोटों में लगभग 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
पार्टी की इस हालत को देखते हुए प्रदेश कांगेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली समेत कई दिग्गजों ने आम जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना शुरू किया है ताकि अपना खोया हुआ जनाधार वापस पा सकें। कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि उनका मुख्य फोकस उन 27 विधानसभा सीटों पर है जहां से आप के विधायक जीत कर आए हैं।