रेल किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेसी कार्यकर्ता रविवार को सड़कों पर उतर आए। कांग्रेसियों ने जुलूस निकाला और रेलवे स्टेशन पर पहुंच प्रदर्शन कर बढ़ाए गए किराए को वापस लेने की मांग की।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने रेलवे अधिकारियों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। बुलंदशहर में भी कांग्रेसियों ने खुर्जा पैसेंजर ट्रेन के पहिये रोक दिए। इस दौरान हंगामा और प्रदर्शन के बाद कांग्रेसी स्टेशन अधीक्षक से भिड़ गए।
पूर्व महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार की महंगाई के मुद्दे पर आलोचना करते हुए सरकार बनने पर महंगाई घटाने का वादा किया था। लेकिन सरकार बनने के एक महीने के भीतर ही रेल भाड़ा और यात्री किराया बढ़ाकर जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया।
नरेंद्र राठी ने कहा कि संसद में मुंह छिपाने की कोशिश कर सरकार ने एक तरफा निर्णय लेकर किराए में बढ़ोत्तरी कर दी। नसीम खान ने कहा कि भाजपा सरकार के इस फैसले से तेल की कीमतों के साथ यात्री किराया भी बढ़ जाएगा।
इस दौरान सतीश शर्मा, विजय चौधरी, संजीव शर्मा, बीके अग्निहोत्री, अमोल वशिष्ठ, पवन दीक्षित, आसिफ सैफी, अमन शिशौदिया, रामप्रकाश कश्यप, राजीव भाटी आदि मौजूद रहे।
रेल किराया बढ़ोत्तरी मोदी के खोखले दावों की हकीकत
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप ने रेल किराए बढ़ोतरी को मोदी सरकार के खोखले दावों की हकीकत बताया है। उनका कहना है कि यह तो बानगी भर है, आने वाले दिनों में भाजपा महंगाई को और बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मोदी सरकार संसद के दोनों सदनों में किराए बढ़ाने के ठोस कारण बताती और इस पर चर्चा कराती। यह फैसला लोकतंत्र, संसद और संविधान का अपमान है।
उन्होंने कहा कि सरकार आमदनी बढ़ाने के लिए ट्रेनों पर विज्ञापन, स्टेशनों पर मॉल, मल्टीप्लेक्स बनाने की योजना बना सकती है।