फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण: यूपी सरकार बताए पीड़िता के साथ हैं या आरोपी के: कांग्रेस

Fri, 20 Sep 2019 04:51 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
शर्मिष्ठा मुखर्जी - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

कांग्रेस का कहना है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भाजपा नेता चिन्मयानंद के मामले सबसे पहले ये साबित करना होगा कि सरकार पीड़िता के साथ खड़ी है या आरोपी के साथ है। कांग्रेस का आरोप है कि पीड़िता के बयान रिकार्ड किए जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं वहीं अधिकारी उसके पिता को धमका रहे हैं।

विज्ञापन


कांग्रेस की ओर से पहली बार प्रवक्ता के तौर मीडिया से रूबरू हुईं शर्मिठा मुखर्जी और महाराजगंज से लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार रहीं सुप्रिया श्रीनेत ने यूपी सरकार पर आरोप लगाए कि चाहे उन्नाव में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का मामला हो या फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद का ऐसा लगता है उत्तर प्रदेश में सरकार आरोपी के साथ खड़ी है।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रणव झा ने भगवा अपराधी पर साफ किया कि पार्टी का मानना है कि कोई अपराधी है, या कोई आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है तो उसने क्या पहना है या उसने किस रंग का वस्त्र पहना है इस पर उसका चरित्र निर्भर नहीं करता। अपराधी अपराधी होता है जो अपराध करता है उसे दंडित किया जाना चाहिए। अपराध को देखा जाना चाहिए न कि वस्त्र और किस धर्म को मानता है।
विज्ञापन


शर्मिठा मुखर्जी ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी इस मामले में चुप्पी साधे हैं और कुछ बोल नहीं रहे हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर सरकार की ओर से जो बजट निर्धारित किया गया है उसकी अधिकांश रकम सिर्फ विज्ञापनों पर खर्च की जा रही है। जबकि जमीनी स्तर पर बेटियां मुसीबत में हैं उन्हें बचाने की जगह भाजपा अपने नेताओं को बचा रही है।

सुप्रिया ने कहा पीड़िता से 11 घंटे पूछताछ हुई है। एक बात साफ है कि चिन्मयानंद यानि कृष्णपाल सिंह को सरकार और पार्टी का संरक्षण है। सीएम योगी पीड़िता से नहीं मिले हैं। वो कभी नहीं मिलते हैं । एक तरफ  बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं और दूसरी ओर जब पार्टी का एक बड़ा नेता कटघरे में खड़ा है तो पीड़िता और परिवार को परेशान किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं के रेप मामलों में 70 फीसदी दर्ज तक नहीं होते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें