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रेप मामले को PM के सामने रखेंगे राजनाथ

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राज्यसभा में दिल्ली रेडियो टैक्सी रेप मामले पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षियों ने मौजूदा एनडीए सरकार को महिला सुरक्षा पर ढुल-मुल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए दिल्ली रेडियो टैक्सी रेप मामले पर जवाब मांगा।
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इस पर गृहमंत्री ने राजनाथ सिंह ने मामले की रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने की बात कही। उन्होंने कहा कि आरोपी को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही दिल्ली में चल रही सभी वेब आधारित कैब सेवा कंपनियों पर बैन लगाया जाएगा।

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कंपनी पर पूरी तरह बैन लगाने के लिए सभी राज्यों को चीफ जस्टिस का हस्ताक्षर किया हुआ पत्र भेजा। हालांकि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का विचार इससे अलग है।
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उधर, दिल्ली पुलिस ने वाली अमेरिकी कंपनी उबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। एफआईआर की पुष्टि करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उबर पर बैन नहीं है समस्या का हल: गडकरी

वरिष्ठ भाजपा नेता व केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक उबर पर बैन लगाना इस समस्या का समाधान नहीं है। उनके मुताबिक ऐसी शर्मनाक घटनाओं से बचने के लिए एक नई प्रणाली विकसित करने की जरूरत है।

गडकरी ने कैब सर्विस पर बैन लगाने के दिल्ली सरकार के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि अगर रेल में रेप होता है, तो क्या रेल को बंद कर देना चाहिए।

गडकरी के अनुसार रेल, कैब, प्लेन को बैन करने से जनता को परेशानी होगी। कैब सेवा पर बैन लगाने के बजाय अगर ड्राइवरों को लाइसेंस आदि दिए जाने के समय ही विधिवत जांच-पड़ताल होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लाइसेंस व अन्य परिवहन संबंधी जांच-पड़ताल के लिए अब एक डिजिटल सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसमें ड्राइवर से जुड़ी हर जानकारी मौजूद रहेगी।

'पूरी तरह से फर्जी है उबर कंपनी'

दिल्ली परिवहन विभाग के स्पेशल कमिश्‍नर कुलदीप गैंगर के अनुसार उबर के पास न तो अपने ड्राइवर हैं और न ही अपनी कैब। कंपनी ड्राइवर ओर कैब मालिकों के नेटवर्क के जरिए काम करती है।

उनके मुताबिक उबर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में रेडियो टैक्‍सी कंपनी के तौर पर रजिस्‍टर्ड नहीं है। साथ ही टूरिस्‍ट सर्विस मुहैया कराने के लिए रजिस्‍टर्ड नहीं है। जबकि, टूरिस्‍ट टैक्‍सी सर्विस मुहैया कराने के लिए परमिट और ऑल इंडिया टैक्‍सी परमिट की जरूरत होती है।  

दिल्ली की घटन के लिए जिस कैब ड्राइवर पर आरोप है उसके पास लाइसेंस है और परमिट तो है, मगर पब्लिक सर्विस व्‍हीकल (पीएसवी) का बैज नहीं था।

हालांकि, ड्राइवर शिव यादव का कहना है कि अंबेडकर नगर पुलिस स्‍टेशन की ओर से उसे कैरेक्‍टर सर्टिफिकेट दिया गया था। लेकिन पुलिस उसके इस दावे को गलत बता रही है।
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20 दिन में दिल्ली पुलिस दाखिल करेगी दाखिल

दिल्ली रेडियो टैक्सी रेप केस में पुलिस ने आरोपी के कपड़े और मोबाइल बरामद कर लिया है। दिल्ली पुलिस मामले में 20 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर अपना रुख साफ करेगी।

उधर, सोमवार देर शाम दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने एक पब्लिक नोटिस में कहा कि केवल मेगा कैब्स, मेरू कैब्स, ईजी कैब्स, चानसन, यो कैब्स और एयर कैब्स को ही दिल्ली में रेडियो टैक्सी चलाने का लाइसेंस दिया गया है। इसके अलावा दिल्‍ली में चल रही अन्य सभी दूसरी टैक्सी सेवाएं अवैध हैं।

इस लिहाज से ओला कैब्स और टैक्सी फॉर श्योर जैसी ऊबर मॉडल वाली ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाएं भी दिल्ली में अवैध रुप से चल रही हैं। हालांकि बैन होने के बावजूद सोमवार शाम उबर कैब की बुकिंग जारी रही।

उबर के इस रवैये के चलते महिला आयोग ने कंपनी के खिलाफ समन जारी कर दिया है। जबकि दिल्ली पुलिस उबर के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
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