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Delhi: एसिड पीने से बिगड़ी हालत, डॉक्टरों ने बेहद गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे युवक की जान बचाई

Mon, 20 Apr 2026 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

30 साल के युवक ने गलती से फर्श या टाइल साफ करने वाला एसिड पी लिया था। इससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। एम्स के डॉक्टरों ने सिर्फ दवाओं से उसे पूरी तरह ठीक कर दिया।
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Delhi AIIMS - फोटो : ANI
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने बेहद गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे युवक की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है। 30 साल के युवक ने गलती से फर्श या टाइल साफ करने वाला एसिड पी लिया था। इससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। एम्स के डॉक्टरों ने सिर्फ दवाओं से उसे पूरी तरह ठीक कर दिया।

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डॉक्टरों के अनुसार, युवक ने करीब 200 मिली हाइड्रोक्लोरिक एसिड पी लिया था। शुरुआत में उसे हल्का पेट दर्द हुआ, लेकिन उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। करीब 10-15 दिन बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज पेट दर्द, बुखार और बार-बार खून की उल्टी होने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत एम्स लाया गया।

जांच में सामने आया कि युवक को एम्फाइसेमेटस गैस्ट्राइटिस नाम की बेहद खतरनाक बीमारी हो गई है। इस बीमारी में पेट की दीवार के अंदर गैस भर जाती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी इतनी गंभीर होती है कि पहले इसके 60 प्रतिशत तक मामलों में मरीज की मौत हो जाती थी। एम्स के डॉक्टरों ने युवक को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। 
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इलाज के तहत उसे नसों के जरिए तरल पदार्थ दिए गए, पेट को आराम दिया गया और हाई डोज दवाएं शुरू की गईं। इसमें दवाओं के साथ शक्तिशाली एंटीबायोटिक्स भी दी गई। इसके अलावा मरीज को खून चढ़ाया गया और नसों के जरिए पोषण दिया गया।

इलाज के शुरुआती पांच दिन बेहद कठिन रहे
एम्स के जूनियर रेजिडेंट (अकादमिक) डॉ. सौभिक चक्रवर्ती ने बताया कि इलाज के शुरुआती पांच दिन बेहद कठिन रहे, लेकिन धीरे-धीरे युवक की हालत में सुधार होने लगा। छठे दिन उसका बुखार कम हो गया, उल्टी बंद हो गई और पेट दर्द में राहत मिली। जांच में यह भी पाया गया कि पेट में जमा गैस खत्म हो गई है।

इसके बाद सातवें दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। साथ ही, एम्स के डॉक्टर ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीषा नायक और डॉ. प्रकाश रंजन मिश्रा ने बताया कि चार हफ्ते बाद की जांच में पता चला कि युवक पूरी तरह ठीक हो चुका है।

डॉ. प्रकाश रंजन मिश्रा ने बताया कि यह बीमारी दुर्लभ है और दुनिया भर में इसके बहुत कम मामले सामने आए हैं। यह आमतौर पर एसिड पीने, कमजोर इम्यूनिटी या संक्रमण के कारण होती है। इसमें बैक्टीरिया पेट की दीवार में घुसकर गैस बनाते हैं, जिससे हालत तेजी से बिगड़ती है।

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