फालतू आवाजाही रोकने के लिए भारत सरकार ने ट्रेन और विमानों में मिलने वाली रियायती टिकट सुविधा रद्द कर दी है। यह आदेश 20 मार्च की आधी रात से अगले आदेशों तक लागू रहेगा। हालांकि मरीजों, छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए रेलवे टिकटों की रियायती दर जारी रहेगी।
उधर, ट्रेनों को 31 मार्च तक रद्द किए जाने का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। रद्द की गई ट्रेनों की संख्या 330 पर पहुंच गई है। रेलवे ने आदेश में कहा है कि अभी तक टिकट पर कुल 53 श्रेणियों में रियायत दी जाती थी, लेकिन अब मरीजों, छात्रों और दिव्यांगजनों को रियायत देने वाली 15 श्रेणियां ही लागू होंगी।
रेलवे ने कहा कि ये कदम कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की आवाजाही को नियंत्रित करने और आम आदमी को गैरजरूरी यात्रा करने से रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं। इसके जरिये खासतौर पर बुजुर्गों को यात्रा करने से रोकने का लक्ष्य है। रेलवे ने इसके लिए डब्ल्यूएचओ की डाटा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 60 साल से ज्यादा के लोगों में कोरोना वायरस फैलने और जान जाने की संभावना सर्वाधिक है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रियायती दर सुविधा पहले से बुक हो चुके टिकटों पर भी लागू होगी। इसके बावजूद किसी बुजुर्ग को रेल यात्रा करते हुए पाए जाने पर उनसे किराये का अंतर वसूला जाएगा।