जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2019 सत्र से ऑनलाइन नहीं, कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा होगी और यह 25 मई से 31 मई तक होगी। विश्वविद्यालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में इसी हफ्ते प्रवेश परीक्षा के लिए समझौता होगा। यूजी, पीजी, एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। एमफिल व पीएचडी में 70 अंक की कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा और 30 अंक का वाइवा होगा।
विश्वविद्यालय के अधिकारी के मुताबिक, जेएनयू प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। इससे पहले ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा कराने की योजना थी। प्रवेश परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन की जगह कंप्यूटर आधारित करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने डीयू के साथ-साथ जेएनयू में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा से इंकार किया था।
जैमर से रुकेगी नकल
एनटीए प्रबंधन जेईई मेन, यूजीसी नेट, नीट की तर्ज पर जेएनयू प्रवेश परीक्षा में भी देशभर के सेंटर में जैमर का इस्तेमाल करेगा। जैमर से परीक्षा केंद्र में मोबाइल व इंटरनेट ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इसका मकसद हाइटेक नकल से परीक्षा को बचाना है।
जेएनयू तैयार करेगा प्रश्न बैंक
प्रवेश परीक्षा बेशक एनटीए आयोजित करेगी, लेकिन इसका प्रश्न पत्र बैंक जेएनयू तैयार करेगा। जेएनयू प्रबंधन ने विभिन्न डिग्री प्रोग्राम के स्कूल व सेंटर प्रमुख से प्रश्न पत्र बैंक बनाने को कहा है। इसमें 80 फीसदी प्रश्न बैंक बन चुका है। 30 दिसंबर तक प्रश्न पत्र बैंक का काम पूरा हो जाएगा।