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सीएम को मिल रही अजब शिकायतें, बढ़ी परेशानी

Wed, 22 Jul 2015 12:16 PM IST
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरीदाबाद में वैसे तो सीएम विंडो लोगों की समस्याओं के निदान के लिए खोली गई है लेकिन अब यहां अजीबो-गरीब शिकायतें आने लगी हैं।
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कोई भैस चोरी हो जाने के बाद सरकार से आर्थिक सहायता मांगता है तो कोई पंच-सरपंचों के लिए योग्यता निर्धारित करने का सरकार को सुझाव देता है।

अधिकारी इस बात को लेकर परेशान हैं कि इस तरह की शिकायतों को किसके पास भेजा जाए और उसका जवाब क्या दिया जाए। ऐसी ही एक शिकायत आयी है जिसमें शिकायतकर्ता ने डॉक्टर पर अपने दांत का गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

सेक्टर-30 निवासी नीरज सिंह ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में कहा है कि उसके दांतों में ठंडा पानी लगता था। इसके इलाज के लिए वह डॉ. राजीव अरोड़ा के क्लीनिक पर गया। डॉक्टर ने दर्द का कारण दाड़ बताते हुए उसे निकाल दी। लेकिन दांतों में ठंडा पानी लगना फिर भी बंद नहीं हुआ।
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दोबारा जाने पर उन्होंने टूथपेस्ट लिख दिया और दांतों की सफाई कराने की बात कही। जब मैने पूछा कि जब पेस्ट से सही हो जाता तो दाड़ क्यों निकाली, इसका जवाब डॉक्टर नहीं दे पाए। उन्होंने मेरे दांत का गलत इलाज किया जिसके कारण दाड़ खोनी पड़ी। यह शरीर का ऐसा अंग है जिसे मैं दोबारा नहीं पा सकता।

पुलिस ने नहीं सुनी बात
-शिकायतकर्ता का कहना है कि वह इसकी शिकायत लेकर सेक्टर-28 चौकी गया था। पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई करने के  लिए कहा तो उसने मना कर दिया। ऐसे में हमें कहां न्याय मिलेगा। उसने मुख्यमंत्री से उक्त डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि डॉक्टर से दोबारा ऐसी गलती न हो।

आर्थिक मदद के लिए नहीं है प्रावधान
-गांव सीही निवासी महिला सुरेश द्वारा चोरी हुई भैंस खरीदने के लिए राज्य सरकार से मांगी गई आर्थिक सहायता के मामले में जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने मुख्यमंत्री को जवाब भेजा है। सीएम को भेजी रिपोर्ट में सोसायटी ने कहा है कि शिकायतकर्ता को बुलाकर उससे पूरे मामले की जानकारी ली गई। लेकिन रेडक्रॉस की ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत उसे आर्थिक सहायता दी जा सके।
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-सीएम विंडो की शुरूआत लोगों की समस्याओं के निदान के लिए की गई है न की सुझाव देने के लिए। लोगों को ऐसी अजीबो-गरीब शिकायत देने से बचना चाहिए। इससे प्रशासन के  समय का नुकसान होता है। -गौरव अंतिल, सीटीएम एवं नोडल अधिकारी
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