गूगल मैप्स पर भी बदला नाम
वहीं इससे पहले, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने बृहस्पतिवार को इसी नाम की प्लेट अपने बंगले पर लगाई थी। यहां अन्य बंगलों पर भी स्वामी विवेकानंद मार्ग की प्लेटें नजर आ रही हैं और गूगल मैप्स पर भी इस लेन का नाम स्वामी विवेकानंद मार्ग के रूप में दिखने लगा है।
एनडीएमसी ने नहीं की आधिकारिक घोषणा
एनडीएमसी ने इस लेन का आधिकारिक नाम नहीं बदला है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय युवाओं के आदर्श हैं और उनके नाम के साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उनका कहना है कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि आस्था का सवाल है। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों में विश्वास रखने के कारण यह नाम लिखा गया है। हालांकि, इस कदम को कई लोगों ने राजनीति से प्रेरित बताया है, खासकर उस संदर्भ में जब इस नामकरण की प्रक्रिया आधिकारिक नहीं है। इस मामले ने एक नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें राजनीतिक और धार्मिक आस्थाओं का मिश्रण देखा जा रहा है।
सड़क का नाम बदलने पर आप ने साधा भाजपा पर निशाना
आम आदमी पार्टी ने मुगल शासकों के नाम से जानी जाने वाली सड़कों के नाम बदलने पर भाजपा पर निशाना साधा। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि एक तरफ भाजपा के केंद्रीय मंत्री सड़कों से मुगल शासकों के नाम बदल रहे हैं और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति को ताजमहल दिखा रहे हैं। आजादी के बाद देश में जितने प्रधानमंत्री हुए, वो सभी 15 अगस्त को मुगल शासक के बनाए लालकिले पर जाकर भाषण देते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने तुगलक लेन स्थित अपने घर के नेम प्लेट का नाम बदलकर विवेकानंद मार्ग रख लिया है। यह अच्छी बात हैं वह देशभक्ति दिखा रहे हैं। लेकिन, भाजपा नेता विदेशी मेहमानों को मुगल स्थल क्यों दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि मुगलकाल के शासकों पर चर्चा होनी चाहिए। भाजपा मुगल शासकों की जितनी भी निशानी मिटानी चाहती है, मिटाए, लेकिन फिर मुगलों के बनाए स्थल विदेशी नेताओं को न दिखाए।