ग्रेनो के बीटा-एक सेक्टर निवासी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट से अपने यूजर आईडी से 56,240 रुपये में गेमिंग लैपटॉप खरीदा था। कंपनी ने एक साल की वारंटी दी। नौ अक्तूबर 2021 को लैपटॉप भेजा। 15 दिन के बाद लैपटॉप खराब हो गया। कंपनी के कस्टमर केयर पर फोन से शिकायत की तो सर्विस सेंटर पर लेकर जाने के लिए कहा गया। लैपटॉप का एसएसडी कार्ड खराब हो गया था। एक सप्ताह बाद ठीक करके देने का भरोसा दिया गया।
एक सप्ताह में लैपटॉप ठीक करके वापस दिया गया। 20 नवंबर 2021 को लैपटॉप फिर से नहीं चला। शिकायत दर्ज कराई गई तो दो दिन में ठीक करने का भरोसा देकर ले गए। एक सप्ताह बाद भी ठीक करके नहीं दिया गया। सर्विस सेंटर पर संपर्क करने पर बताया गया कि जितना उसको ठीक करने में खर्च आएगा उससे बेहतर है कि नया आ जाएगा। वीरेंद्र को नया लैपटॉप देने का भरोसा दिया गया। कई बार संपर्क करने के बाद भी नया नहीं दिया गया।
लैपटॉप नया दिलाने या पैसा वापस कराने के लिए आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान कंपनी ने कहा कि अगर किसी उत्पाद में कमी है तो डिलिवरी करने के सात दिन के अंदर आपत्ति की जानी जरूरी है। इस दौरान आपत्ति नहीं की गई। आयोग ने माना कि लैपटॉप को वारंटी के दौरान ठीक करने की जिम्मेदारी संबंधी कंपनी की है। लैपटॉप को ठीक नहीं करने पर उसकी कीमत लौटाने और क्षतिपूर्ति देने की जिम्मेदारी कंपनी है।