लोन लेने के लिए गुरुग्राम में एक प्रॉपर्टी की जाली खरीद-फरोख्त को दिखाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का लोन लेकर न चुकाने के मामले में एक निजी कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी) को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चंद्रशेखर सक्सेना के रूप में हुई है। सीएमडी व अन्य आरोपियों ने यूनिवर्सल ट्रेड टॉवर, गुरुग्राम में एक प्रॉपर्टी की जाली खरीद-फरोख्त दिखाकर एनबीएफसी से करीब 2.77 करोड़ रुपये का लोन लिया था। जालसाजी का पता चलते ही इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड की ओर से शिकायत देकर मामला दर्ज कराया गया। मामले पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 2019 में इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड की ओर से सुप्रीत सिंह ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि निजी कंपनी जिलियन इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी चंद्रशेखर सक्सेना व अन्यों ने एक दूसरी कंपनी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रॉपर्टी की जाली खरीद-फरोख्त को दिखाया। आरोपियों ने इस प्रॉपर्टी के आधार पर 2.77 करोड़ का लोन लिया। फर्जी तरीके से लिए लोन को बाद में चुकाया भी नहीं गया।
2018 में भी आरोपी ने की थी इसी प्रकार से जालसाजी
जालसाजी का पता चलने पर इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड की ओर से आरोपी चंद्रशेखर की कंपनी को एनपीए कर दिया गया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। छानबीन के बाद आरोपी चंद्रशेखर मंगलवार को दबोच लिया गया। उससे पूछताछ कर जांच जारी है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि जिस प्रॉपर्टी के आधार पर लोन लिया गया, उसको कई बार खरीदा-बेचा गया है। ठगी की रकम को कई अलग-अलग जगह बांट दिया गया। साथ ही यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ 2018 में भी इसी तरह की जालसाजी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।