बागपत के पास निरपुड़ा गांव से 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण का आरोप लोनी के पावी गांव निवासी दो भाइयों पर लगा है। इससे लेकर गांव के लोग पहले से ही गुस्से में थे लेकिन जब डाक से किशोरी के निकाहनामे की कॉपी आई तो उनका गुस्सा और भड़क उठा।
इसमें उसने अपना नाम भी बदलकर लिख रखा है, इससे पता चलता है कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है। इससे भड़के सैकड़ों लोगों ने शुक्रवार को एसपी दफ्तर पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद एसपी दफ्तर पर धरना दिया जाएगा। भाजपा नेता भी गांव वालों के साथ आ गए हैं।
दो माह पहले किशोरी का परिवार मवी कलां गांव में ईंट भट्ठे पर काम करता था। वहीं पर लोनी के पावी गांव का सोनू नामक युवक भी मजदूरी करता था। आरोप है उसने किशोरी को बहला फुसलाकर अपने वश में कर लिया। इसके बाद आरोपी युवक 26 जुलाई, 2014 को किशोरी का अपहरण कर ले गया।
तीन दिन में लड़की चाहिए वरना...
किशोरी के पिता ने पांच अगस्त को सोनू और उसके भाई साजिद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच 20 अगस्त को ग्राम प्रधान और थाना प्रभारी के नाम डाक से एक बंडल आया। इसमें किशोरी का शपथ पत्र और निकाहनामा था।
प्रधान कृष्ण पाल ने बताया इसमें किशोरी का नाम बदला हुआ था। इससे लग रहा है कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को पहले गांव में पंचायत हुई। इसमें एसपी दफ्तर जाने का फैसला लिया।
फिर भाजपा नेता यज्ञ मुनि, वीरेंद्र, कुलंवत सोलंकी और प्रधान कृष्णपाल के साथ सैंकड़ों लोग एसपी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने एसपी जितेंद्र शाही को तीन दिन में किशोरी की बरामदगी नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
एसपी जितेंद्र शाही ने निरपुड़ा के लोगों को आश्वासन दिया कि यह मामला बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। किशोरी को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।
निकाहनामे में बदल दिया पिता का नाम
किशोरी के निकाहनामा की जो कॉपी आई है, उसमें उसने अपनी उम्र 19 साल लिखी है जबकि मां-बाप 15 बता रहे हैं। इसमें किशोरी के अलावा उसके पिता का नाम भी बदला हुआ है। इससे लग रहा है कहीं निकाहनामा फर्जी तो नहीं है।
किशोरी के युवक के साथ निकाहनामा में लोनी के चार लोग गवाह के तौर पर बताए गए हैं। निकाह भी लोनी में ही कराया गया है। इनके फोटो भी निकाहनामा के साथ लगे हैं।
किशोरी के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही ढिलाई बरती है। आरोपी युवकों के परिजन पूछताछ के लिए थाना बुलाए गए थे, लेकिन उन्हें थोड़ी ही देर में छोड़ दिया।