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दिल्ली: बच्चे की पिटाई पर भिड़े दो गुट, चले ईंट-पत्थर

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दिल्ली के मजनू के टीला इलाके में रविवार रात हुए दो गुटों के बीच हिंसक झड़प के बाद सोमवार को भी तनाव बरकरार है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और झड़प खत्म करने की कोशिश की।
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पुलिस के अनुसार 16 वर्षीय वाल्मिकी बालक रात करीब 9 बजे साहसी कॉलोनी के एक दुकान पर सामान लेने गया था। बता दें कि मजनू के टीला इलाके के रोड के दोनों साइड बाल्मिकी और साहसी बस्ती बसी है।

लड़के पर आरोप है कि वो दुकान पर साहसी समुदाय के कुछ लोगों के साथ उसकी बहस हो गई। जिसके बाद उन्होंने उस लड़के को बहुत पीटा जिससे उसे काफी चोट आ गई।

220 मीटर दूर था पुलिस पोस्ट

जिस वक्त साहसी समुदाय के लोग उस बाल्मिकी लड़के को पीट रहे थे तब ही एक पुलिस पैट्रोलिंग वैन, पुलिस पोस्ट से उधर पहुंची जो घटना स्थल से मात्र 220 मीटर की दूरी पर है।

पुलिस का कहना है कि उन्होंने पीड़ित लड़के से कहा कि अगर वो चाहे तो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें गिरफ्तार करा सकता है। लेकिन वो लड़का वापस वाल्मि‌की कॉलोनी में चला गया और अपने रिश्तेदारों व दोस्तों को घटना की जानकारी दी।

इसके बाद बाल्मिकी कॉलोनी के करीब 20 लोग गुट बनाकर 15 मिनट बाद सड़क पर आ गए और साहसी कॉलोनी के घरों व दुकानों पर ईंट-पत्थर बरसाने लगे।

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब बाल्मिकी गुट ने ईंट-पत्थर बरसाने शुरू किए तो साहसी समुदाया के लोग भी इकट्ठा होकर बाल्मिकियों पर पत्थरबाजी करने लगे।

पत्थरबाजी की सूचना मिलते ही उत्तरी दिल्ली पुलिस के करीब 200 जवान वहां पहुंचे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

करीब एक घंटे बाद वहां से लोगों का सैलाब हटा और शांति कायम हुई। हालांकि इस झड़प में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन कई गाड़ियों के शीशे जरूर टूट गए।
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'पुलिस के पहुंचने तक झड़प हो चुकी थी खत्म'

पुलिस के अनुसार दिल्ली पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारियों समेत डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ) मधुर वर्मा भी मजनू का टीला स्थित घटना स्थल पर रविवार रात पहुंचे। मधुर वर्मा ने बताया कि यहां एक बच्चे को पीटने को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई थी।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति कायम की जा चुकी है। इलाके में जनरल स्टोर की दुकान चलाने वाले मनीष नाम के दुकानदार ने कहा कि उसने देखा कि कुछ लोग उसकी दुकान की तरफ आ रहे हैं।

दुकान में आकर उन्होंने मनीष की दुकान में रखे सामान को तोड़ना शुरू कर दिया और उसकी दुकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। मनीष ने बताया कि उसने पुलिस पीसीआर को करीब 20 कॉल की लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची।

मनीष ने कहा कि पुलिस बहुत ही आराम से उसकी दुकान का पता पूछती हुई आ रही थी और वो तब तक नहीं पहुंची जब तक झड़प काफी कुछ खत्म होने को थी
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