अस्पताल में तीन दिन से भर्ती महिला की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से महिला की मौत हुई है। इलाज कर रही डॉक्टर निधि त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत की है।
माया देवी (42) खोड़ा कालोनी के वृंदावन गार्डन में रहती थी। पति बलराम एक निजी कंपनी में काम करते हैं। महिला के पेट में रसोली थी। जिसके ऑपरेशन के लिए परिजनों ने 3 दिसंबर को सेक्टर-22 एच ब्लाक स्थित त्रिपाठी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से महिला को अस्पताल के चिकित्सकों ने सेक्टर-119 स्थित अपनी नई शाखा में रेफर कर दिया।
4 दिसंबर की शाम में ऑपरेशन किया गया। महिला के बेटे रवि का आरोप है कि आपरेशन के बाद डॉ. निधि ने उनकी मां को एक इंजेक्शन दिया। जिससे उनका शरीर फूल गया। उसके बाद उनकी तबियत बिगड़ी तो उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। 6 दिसंबर की सुबह होश आने पर उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई।
अस्पताल प्रशासन ने उनको दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा। जब मेट्रो अस्पताल ले जाया गया तो वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। रवि का आरोप है कि उनकी मां की मौत त्रिपाठी अस्पताल में ही हो गई थी।
परिजनों ने शव अस्पताल के सामने रख जमकर हंगामा किया। इस दौरान रोड पर जाम लग गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। पुलिस द्वारा डॉक्टर पर कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने पर परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा।
जब भी कहीं डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगता है तो उसकी जांच की जाती है। अगर जांच में कोई डॉक्टर दोषी पाया जाता है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाती है। नियमों के मुताबिक सिर्फ आरोप लगाने पर तुरंत कार्रवाई का प्रावधान नहीं है।